भरतपुर के नुमाइश मैदान में सोमवार को जाट आरक्षण संघर्ष समिति की ओर से हुंकार सभा का आयोजन किया गया। इस सभा में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के सुप्रीमो और सांसद हनुमान बेनीवाल मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए। सभा में राजस्थान के साथ-साथ अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में जाट समाज के लोग पहुंचे और आरक्षण की मांग को लेकर एकजुटता दिखाई।
अपने संबोधन में हनुमान बेनीवाल ने केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि भरतपुर, धौलपुर और डीग के जाट समाज को केंद्र में आरक्षण दिलाने के लिए वे पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं और इसके लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं। उन्होंने जाट समाज के साथ भेदभाव किए जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र सरकार में जाट समाज का कोई मजबूत प्रतिनिधित्व नहीं है, न ही किसी प्रमुख जाट नेता को कैबिनेट में स्थान दिया गया है।
बेनीवाल ने यह भी कहा कि वे केवल जाट समाज ही नहीं बल्कि सर्वसमाज के न्याय की लड़ाई लड़ रहे हैं और हर अन्याय के खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने राज्य सरकार के मंत्रियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए भजनलाल सरकार की आलोचना की और सरकार के जल्द विदाई की बात भी कही।
सभा के दौरान एक राजनीतिक हल्का तनाव भी देखने को मिला जब मुख्यमंत्री का नाम लेने पर कुछ विधायकों ने आपत्ति जताई और मंच से उठकर चले गए। इस पर बेनीवाल ने तंज कसते हुए टिप्पणी की। वहीं कुछ विधायकों ने बाद में आरक्षण मुद्दे पर समर्थन व्यक्त करते हुए कहा कि वे इस विषय को आगे केंद्र तक ले जाएंगे।
सभा में समिति के संयोजक नैमसिंह फौजदार सहित अन्य नेताओं ने भी आरक्षण आंदोलन को जारी रखने की बात कही। सांसद संजना जाटव ने भी लोकसभा में आवाज उठाने का आश्वासन दिया।
इस पूरे कार्यक्रम में जाट आरक्षण को लेकर राजनीतिक माहौल गरमाता हुआ नजर आया और आने वाले समय में इस मुद्दे पर आंदोलन और तेज होने के संकेत दिए गए।
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