राजस्थान की राजनीति में भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के मामलों को लेकर वार-पलटवार का दौर तेज हो चुका है। राजस्थान राज्य बीज निगम के पूर्व अशासकीय निदेशक जुगल किशोर बिश्नोई के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की कार्रवाई के बाद कांग्रेस लगातार कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के इस्तीफे की मांग कर रही है। इसी बीच, भाजपा नेता और कृषि मंत्री के सगे भाई जगमोहन मीणा ने दौसा जिले में मीडिया से बातचीत के दौरान दावा किया कि नकली खाद और बीज माफिया डॉ. किरोड़ी लाल मीणा की जान के पीछे हाथ धोकर पड़ चुका है और वे किसी भी वक्त उनकी हत्या तक कर सकते हैं।
जगमोहन मीणा ने बताया कि विभाग के कड़े प्रशासनिक फैसलों से अरबों रुपए का काला कारोबार चलाने वाले बिचौलियों को भारी नुकसान हुआ है और इसी बौखलाहट के कारण ये लोग मिलकर किरोड़ी लाल मीणा को हटाना चाहते हैं। उनका कहना है कि यह पूरी घेरेबंदी और इस्तीफे की मांग माफिया लॉबी द्वारा बनाए गए राजनैतिक दबाव का हिस्सा है, ताकि मंत्री डर जाएं या पद से हट जाएं, जिससे नकली खाद-बीज का कारोबार बिना रोक-टोक चल सके।
इससे पहले एसीबी ने राजस्थान राज्य बीज निगम के निदेशक स्तर के पदाधिकारियों के खिलाफ घूसकांड का बड़ा मामला दर्ज कर गिरफ्तारी की थी। इस कार्रवाई के बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में कृषि मंत्री के खिलाफ दबाव बढ़ गया।
कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने जनसभा में कहा कि वे किसानों के रक्षक हैं और किसी भी तरह की धमकी या राजनैतिक चक्रव्यूह से डरकर पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि उनके खिलाफ रिश्वतखोरी या अन्य गड़बड़ी में तिलभर भी दोष पाया गया, तो वे स्वयं इस्तीफा देने और जेल जाने के लिए तैयार हैं। मंत्री ने यह भी स्वीकार किया कि उनके आसपास कुछ लोग भ्रष्टाचार में संलिप्त थे, लेकिन जैसे ही उन्हें इसकी जानकारी मिली, उन्होंने तुरंत कार्रवाई कर एसीबी और पुलिस के माध्यम से दोषियों को गिरफ्तार कराया।
डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने जनता को आश्वस्त किया कि उनके नाम की आड़ लेकर कोई भी राजस्थान के किसानों को लूट नहीं सकता और विभाग में किसी भी तरह की भ्रष्ट गतिविधि उनके रहते नहीं हो सकती। उन्होंने अपने प्रशासनिक संकल्प, पारदर्शिता और किसानों के हित में कड़े कदम उठाने की प्रतिबद्धता को दोहराया।
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