अभियान के दौरान औसतन प्रतिदिन अवैध खनन, परिवहन और भंडारण के करीब 30 मामले दर्ज किए गए। अब तक कुल 16,341 मामले सामने आए हैं। इनमें 1,361 अवैध खनन, 670 अवैध भंडारण और 14,310 अवैध परिवहन के मामले शामिल हैं।
अभियान के दौरान बड़े पैमाने पर खनिज की जब्ती की गई। प्रतिदिन औसतन 1 लाख टन से अधिक खनिज जब्त किया गया, जबकि कुल 5.48 करोड़ टन खनिज जब्त किए जाने का दावा किया गया है।
कार्रवाई के दौरान 1,992 एफआईआर दर्ज की गईं और 1,401 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा करीब 723 करोड़ रुपए के पंचनामे बनाए गए और 152 करोड़ रुपए से अधिक का जुर्माना वसूला गया।
अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई में खनिज के उद्गम स्थल पर ही कार्रवाई करने की रणनीति अपनाई गई। निगरानी के लिए ड्रोन सर्विलांस की भी अहम भूमिका रही। अभियान में निदेशक एमपी मीणा, अतिरिक्त निदेशक महेश माथुर और धर्मेंद्र लोहार की भूमिका भी महत्वपूर्ण बताई गई है।
सरकार का कहना है कि प्रदेश से अवैध खनन माफिया को पूरी तरह खत्म करने तक अभियान जारी रहेगा। अभियान के आंकड़ों के आधार पर इसे राजस्थान में अवैध खनन के खिलाफ बड़े अभियानों में से एक बताया जा रहा है।
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