जल संसाधन विभाग के 8 अक्टूबर 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, राजस्थान के 693 बांधों की कुल जलभराव क्षमता 13,029.09 एमक्यूएम है। इनमें वर्तमान में 8,068.59 एमक्यूएम पानी उपलब्ध है, जो कुल क्षमता का 61.93 प्रतिशत है।
पिछले साल इसी अवधि में बांधों में 11,793.95 एमक्यूएम पानी था और जलभराव 90.52 प्रतिशत दर्ज किया गया था। इस तरह एक साल में प्रदेश के बांधों में पानी की उपलब्धता 3,725.37 एमक्यूएम कम हो गई है।
प्रदेश के 693 बांधों में से 215 पूरी तरह खाली हैं, जबकि 379 बांध आंशिक रूप से भरे हुए हैं। केवल 99 बांध पूरी तरह भरे हैं। ये आंकड़े कमजोर मानसून के प्रभाव को दर्शाते हैं।
जोनवार स्थिति पर नजर डालें तो जोधपुर सबसे कमजोर स्थिति में है। यहां के 117 बांधों की कुल क्षमता 991.65 एमक्यूएम है, लेकिन इनमें सिर्फ 155.89 एमक्यूएम पानी बचा है। यह कुल क्षमता का महज 15.72 प्रतिशत है। पिछले साल इसी अवधि में जोधपुर जोन के बांधों में 80.25 प्रतिशत पानी उपलब्ध था।
वहीं, जयपुर जोन के 186 बांधों में 59.51 प्रतिशत पानी शेष है, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा 85.04 प्रतिशत था। भरतपुर जोन में 52.83 प्रतिशत, उदयपुर में 47.10 प्रतिशत, बांसवाड़ा में 67.27 प्रतिशत और कोटा जोन में 77.29 प्रतिशत पानी उपलब्ध है।
जयपुर सहित आसपास के कई जिलों की पेयजल जरूरतें पूरी करने वाले बीसलपुर बांध की स्थिति भी चिंता बढ़ा रही है। 8 अक्टूबर 2026 तक बांध में कुल क्षमता का 72.20 प्रतिशत पानी उपलब्ध है। बांध का वर्तमान जलस्तर 313.95 आरएल मीटर दर्ज किया गया है और इसमें 719.180 एमक्यूएम पानी शेष है।
इसके विपरीत, पिछले साल इसी तारीख को बीसलपुर बांध 100 प्रतिशत भरा हुआ था और इसमें 1,095.840 एमक्यूएम पानी उपलब्ध था। इस साल पिछले साल की तुलना में बांध में करीब 376.66 एमक्यूएम पानी कम है।
मौजूदा जलस्तर के आधार पर जयपुर में अगले साल जून तक पेयजल आपूर्ति जारी रहने की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि, इसके बाद की स्थिति अगले मानसून के आगमन और बारिश पर निर्भर करेगी। यदि मानसून समय पर नहीं आया या बारिश कम हुई, तो पेयजल की मांग पूरी करना चुनौती बन सकता है।
इसी आशंका को देखते हुए जलदाय विभाग वैकल्पिक व्यवस्थाओं की तैयारी कर रहा है। इसमें टेल एंड क्षेत्रों तक पानी पहुंचाना, बंद ट्यूबवेल और हैंडपंप को दोबारा चालू करना तथा पेयजल वितरण को नियमित बनाए रखना शामिल है।
कमजोर मानसून के कारण भूजल स्तर और स्थानीय जलस्रोतों पर भी दबाव बढ़ने की आशंका है। ऐसे में आने वाले महीनों में पानी का विवेकपूर्ण उपयोग और उपलब्ध जल संसाधनों का बेहतर प्रबंधन महत्वपूर्ण होगा।
आंकड़ों में राजस्थान के बांध
कुल बांध: 693
कुल जलभराव क्षमता: 13,029.09 एमक्यूएम
वर्तमान उपलब्ध पानी: 8,068.59 एमक्यूएम
कुल जलभराव: 61.93 प्रतिशत
पूरी तरह खाली बांध: 215
पूरी तरह भरे बांध: 99
बीसलपुर बांध में उपलब्ध पानी: 719.180 एमक्यूएम
बीसलपुर में पिछले साल के मुकाबले कमी: 376.660 एमक्यूएम
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