मुख्यमंत्री मंगलवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित राज उन्नति की आठवीं बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में करीब 60 हजार करोड़ रुपये की लागत वाली विभिन्न परियोजनाओं और योजनाओं के तहत चल रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मानसून के दौरान जलभराव, सड़कों के टूटने, बिजली आपूर्ति बाधित होने और दुर्घटनाओं जैसी समस्याएं सामने आती हैं। जिला प्रशासन इनका संवेदनशीलता और तत्परता के साथ समाधान करे। अंतर-विभागीय समाधान वाली शिकायतों में जिला कलक्टर प्रभावी समन्वय सुनिश्चित करें।
उन्होंने बताया कि सड़कों की मरम्मत और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए प्रत्येक नगर निगम को 10 करोड़ रुपये, नगर परिषद को 3 करोड़ रुपये और नगरपालिका को 1 करोड़ रुपये उपलब्ध करवाए गए हैं। जिला कलक्टर समिति गठित कर आवश्यक मरम्मत कार्य तत्काल करवाएं।
मुख्यमंत्री ने नालियों, पुलियाओं, सड़क किनारों और अन्य आधारभूत सुविधाओं की मरम्मत के साथ निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की नियमित जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्यों की वास्तविक स्थिति का मौके पर जाकर निरीक्षण किया जाए और लापरवाही सामने आने पर संबंधित कार्मिक एवं ठेकेदार के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए।
मुख्यमंत्री ने प्रमुख मार्गों, चौराहों, बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने खराब स्ट्रीट लाइट को तत्काल दुरुस्त कराने को कहा। साथ ही वीबी-जी राम-जी की प्रगति की जिला कलक्टरों द्वारा स्वयं समीक्षा करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए बताया कि प्रदेश में अब तक करीब 3 लाख सोलर प्लांट लगाए जा चुके हैं। उन्होंने शेष प्लांट मार्च 2027 तक लगाने का लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना से राजस्थान ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ेगा और देश में अग्रणी राज्य बनेगा। उन्होंने मुख्य सचिव को योजना के तहत बैंक ऋण सुविधा को अधिक सुचारू बनाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने रींगस-सीकर रेल मार्ग के दोहरीकरण के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत प्रदेश में प्रगतिरत 60 रेलवे स्टेशनों के कार्यों की भी समीक्षा की।
मुख्यमंत्री ने जयपुर में प्रस्तावित ईएसआई मेडिकल कॉलेज के निर्माण की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कॉलेज के लिए उपयुक्त भूमि का शीघ्र चयन कर निर्माण कार्य जल्द शुरू करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी का शुरू होना प्रदेश की प्रगति के लिए मील का पत्थर है। रिफाइनरी के साथ क्षेत्र में अन्य उद्योगों के तेजी से विकसित होने की संभावना है। बढ़ते यातायात को देखते हुए एनएच-25 के पचपदरा बाईपास से पटाऊ इंटरचेंज तक मौजूदा हाईवे को चार लेन करने की आवश्यक प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के नगरीय निकायों में घरों और प्रतिष्ठानों से ठोस कचरा संग्रहण के लिए जीसीसी मॉडल पर 4 हजार हूपर लगाए जाएंगे। उन्होंने इसकी निविदा प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने डिजिटल कृषि से जुड़ी महत्वपूर्ण परियोजना एग्री स्टैक की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने शत-प्रतिशत फार्मर रजिस्ट्री पंजीकरण सुनिश्चित करने तथा फार्मर रजिस्ट्री को नामांतरण प्रक्रिया से जोड़ने के निर्देश दिए।
इसके अलावा शेष गांवों की जियो-रेफरेंसिंग भी जल्द पूरी करने को कहा गया।
मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन के तहत शेष कार्यों को मिशन मोड में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने भवन निर्माण के लिए भूमि का शीघ्र आवंटन करने और चिकित्सा उपकरणों एवं मशीनों की उपयोगिता सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने मुख्य सचिव को इन कार्यों की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए।
बैठक में राजस्थान संपर्क पोर्टल सहित अन्य माध्यमों से प्राप्त शिकायतों की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने लंबित परिवादों का शीघ्र और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करने के निर्देश दिए।
करौली नगर परिषद में मुकेश कुमार गुप्ता की आवासीय पट्टे की फाइल खोने के मामले में मुख्यमंत्री ने गहन जांच कर संबंधित कार्मिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
मुकेश कुमार गुप्ता ने वर्ष 2022 में आवासीय मकान के पट्टे के लिए आवेदन किया था, लेकिन उनकी फाइल खो गई थी। इसके बाद उन्होंने संपर्क पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। मामला राज उन्नति में दर्ज होने के बाद तत्कालीन सहायक प्रशासनिक अधिकारी को निलंबित किया गया। वहीं, मंगलवार को परिवादी को पट्टा भी जारी कर दिया गया।
मुख्यमंत्री ने स्वायत्त शासन तथा ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग से संबंधित सामुदायिक परिवेदनाओं की समीक्षा करते हुए सड़क के गड्ढों, मैनहोल और स्ट्रीट लाइट से जुड़ी शिकायतों का शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिए।
उन्होंने प्रदेशभर में फिकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट (FSTP) के क्षमता के अनुरूप सुचारू संचालन के लिए कर्मचारियों की बायोमैट्रिक उपस्थिति सुनिश्चित करने और वाहनों को जीपीएस से जोड़ने के निर्देश भी दिए।
बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, संबंधित विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रमुख शासन सचिव, शासन सचिव, संभागीय आयुक्त और जिला कलक्टर जुड़े।
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