अजमेर शहर में NEET री-एग्जाम के दौरान एक परीक्षा केंद्र पर उस समय हंगामा हो गया जब ब्यावर क्षेत्र की एक छात्रा कुलसुम बानो के बुर्के और हिजाब को लेकर सुरक्षा कर्मियों और परिजनों के बीच विवाद हो गया। प्रारंभ में सुरक्षा कर्मियों ने पारंपरिक पोशाक को लेकर छात्रा को रोक दिया, जिससे गेट के बाहर तनाव की स्थिति बन गई।
छात्रा और उसके परिजनों ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (National Testing Agency) के नियमों का हवाला देते हुए कहा कि धार्मिक और पारंपरिक पोशाक में परीक्षा देने की अनुमति है, बशर्ते कड़ी सुरक्षा जांच पूरी की जाए। इस दौरान प्रवेश प्रक्रिया कुछ समय के लिए बाधित रही।
मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्र अधीक्षक, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने तुरंत हस्तक्षेप किया और एनटीए के दिशा-निर्देशों के अनुसार कार्रवाई की। इसके बाद महिला सुरक्षा कर्मियों की उपस्थिति में अलग कक्ष में छात्रा की पूरी मैनुअल जांच की गई। जांच के बाद किसी प्रकार की आपत्तिजनक सामग्री नहीं मिलने पर उसे परीक्षा में बैठने की अनुमति दे दी गई।
एनटीए के नियमों के अनुसार पारंपरिक पोशाक जैसे हिजाब, बुर्का, पगड़ी आदि में परीक्षा देने की अनुमति है, लेकिन अभ्यर्थियों को समय से पहले केंद्र पर पहुंचकर अनिवार्य सुरक्षा जांच प्रक्रिया से गुजरना होता है।
अंततः स्थिति सामान्य हो गई और छात्रा को परीक्षा में शामिल होने दिया गया, जिससे केंद्र पर माहौल शांत हुआ।
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