अलवर जिले में पनियाला से बड़ौदामेव तक बनने वाले 86 किलोमीटर लंबे सुपर एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। भूमि अधिग्रहण और मुआवजे से जुड़े लंबित मामलों के समाधान के बाद अब एनएचएआई की यह महत्वाकांक्षी परियोजना धरातल पर आकार ले रही है। यह एक्सप्रेसवे कोटपूतली-बहरोड़, खैरथल-तिजारा और अलवर जिलों की कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा और क्षेत्र के विकास को नई दिशा देगा।
यह 6-लेन एक्सप्रेसवे 1748 हेक्टेयर भूमि पर विकसित किया जा रहा है, जिसमें 100 मीटर चौड़ाई निर्धारित की गई है। इसमें से 60 मीटर सड़क निर्माण और 40 मीटर हरित पट्टी के लिए आरक्षित रहेगा। परियोजना को दो चरणों में पूरा किया जा रहा है—पहला 40 किमी और दूसरा 46 किमी। पहले चरण का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है, जिसे 16 सितंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
इस एक्सप्रेसवे से तीन जिलों के लगभग 55 गांव सीधे लाभान्वित होंगे, जिनमें कोटपूतली, बानसूर, मुंडावर, किशनगढ़बास, अलवर, रामगढ़ और लक्ष्मणगढ़ क्षेत्र शामिल हैं। परियोजना से क्षेत्र में औद्योगिक, व्यापारिक और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे तथा दिल्ली-एनसीआर पर यातायात का दबाव भी कम होगा।
एक्सप्रेसवे बनने के बाद कोटपूतली से अलवर की यात्रा का समय लगभग 2 घंटे से घटकर मात्र 45 मिनट रह जाएगा। साथ ही हरियाणा, पंजाब और हिमाचल प्रदेश से गुजरात व मुंबई जाने वाले वाहनों को दिल्ली होकर नहीं गुजरना पड़ेगा, जिससे समय और ईंधन दोनों की बचत होगी।
यह मार्ग पनियाला में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, अंबाला ग्रीन फील्ड हाईवे और जयपुर-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़ेगा, जिससे यह क्षेत्र एक महत्वपूर्ण मल्टी-लेन जंक्शन हब के रूप में विकसित होगा। परियोजना में तीन इंटरचेंज, 46 व्हीकल अंडरपास और दो फ्लाईओवर का निर्माण भी प्रस्तावित है।
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