खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्तालय, राजस्थान ने राज्यभर में बड़ी कार्रवाई करते हुए 16 असुरक्षित पैक्ड खाद्य उत्पादों के वितरण, विक्रय और प्रदर्शन पर आगामी दो माह के लिए प्रतिबंध लगा दिया है। इसके साथ ही विभिन्न जिलों में संचालित 13 खाद्य प्रतिष्ठानों के लाइसेंस भी निलंबित कर दिए गए हैं।
खाद्य सुरक्षा आयुक्त डॉ. टी. शुभामंगला ने जानकारी दी कि मई–जून के दौरान अलवर, जयपुर, धौलपुर, हनुमानगढ़, जोधपुर, जालोर, राजसमंद, झुंझुनूं और बीकानेर सहित कई जिलों से लिए गए खाद्य नमूनों की जांच रिपोर्ट में कई नामी ब्रांड के घी, नमकीन, पान मसाला और अन्य उत्पाद असुरक्षित पाए गए।
जांच रिपोर्ट के आधार पर जिन उत्पादों पर प्रतिबंध लगाया गया है उनमें मधु सरस घी, डेरी ब्राइट घी, प्रेमा ब्रांड घी, वन्धु काऊ एवं बफैलो घी, तानसेन पान मसाला, टोपर मिल्क फैट, मारवाड़ की शान-सारस घी, श्री आहार घी, शुभ ब्रांड घी, धेनुश्री घी, डेयरी अनमोल घी सहित कई अन्य खाद्य उत्पाद शामिल हैं। इन उत्पादों के अलग-अलग बैच असुरक्षित पाए गए हैं।
इसके अलावा कई जिलों में खाद्य प्रतिष्ठानों के लाइसेंस भी तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए गए हैं। इनमें अलवर के पनीर और डेयरी भंडार, जयपुर के कुछ रेस्टोरेंट और फास्ट फूड आउटलेट, झुंझुनूं का किराना स्टोर, राजसमंद का सौंफ विक्रेता, धौलपुर की मिल्क प्रोडक्ट यूनिट और हनुमानगढ़ की डेयरी शामिल हैं।
जयपुर में KFC आउटलेट्स में यूज्ड कुकिंग ऑयल पाए जाने पर भी कार्रवाई की गई है, वहीं कुछ अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों में मावा, पनीर और मिलावटी खाद्य पदार्थों के मामले सामने आए हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार असुरक्षित और मिलावटी खाद्य पदार्थों के सेवन से फूड पॉइजनिंग, उल्टी-दस्त, लीवर और किडनी डैमेज, हाई कोलेस्ट्रॉल, हृदय रोग और गंभीर मामलों में कैंसर तक का खतरा बढ़ सकता है।
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