राजसमंद जिले के देवगढ़ क्षेत्र में हुए सड़क हादसे के बाद अस्पताल कर्मचारी राजू सिंह (27) की मौत और उसके बाद हुए लाठीचार्ज मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर भीम विधायक हरिसिंह रावत और पूर्व विधायक सुदर्शन सिंह रावत आमने-सामने आ गए हैं, जिससे क्षेत्र में राजनीतिक माहौल गरमा गया है।
जानकारी के अनुसार, लाखागुड़ा निवासी राजू सिंह की शुक्रवार रात सड़क दुर्घटना में घायल होने के बाद मौत हो गई थी। शनिवार को परिजनों और ग्रामीणों ने 10 लाख रुपये मुआवजे की मांग को लेकर अस्पताल के बाहर शव रखकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान भीड़ उग्र हो गई और पुलिस पर पथराव कर दिया, जिसमें एक कॉन्स्टेबल घायल हो गया और पुलिस वाहनों को भी नुकसान पहुंचा। हालात बिगड़ने पर पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा और 12 लोगों को हिरासत में लिया गया।
घटना के बाद भीम विधायक हरिसिंह रावत पीड़ित परिवार से मिलने लाखागुड़ा पहुंचे, जहां उन्होंने परिजनों को सांत्वना दी और 2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी। इसके अलावा स्तुति हॉस्पिटल की ओर से भी 2 लाख रुपये की मदद उपलब्ध करवाई गई। विधायक ने प्रशासन को निर्देश दिए कि निर्दोष लोगों को मामले में शामिल न किया जाए और किसी भी महिला की गिरफ्तारी न हो।
वहीं, विधायक ने पूर्व विधायक सुदर्शन सिंह रावत पर राजनीतिक आरोप लगाने का आरोप लगाते हुए कहा कि इस दुखद घटना को राजनीतिक रंग देना उचित नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्र के लोगों के हित में वे हर समय साथ खड़े रहेंगे और प्रशासन को आवश्यक सहायता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
इस घटना के बाद क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है, जबकि पुलिस मामले की जांच कर रही है और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
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