जयपुर। विश्व धरोहर शहर (UNESCO World Heritage City) जयपुर के प्रस्तावित नए एंट्री गेट के डिजाइन को लेकर बहस तेज हो गई है। शहर की ऐतिहासिक पहचान और राजस्थानी स्थापत्य कला को लेकर लोगों, वास्तु विशेषज्ञों और विरासत प्रेमियों ने सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि नए गेट का डिजाइन आधुनिक तो दिखता है, लेकिन उसमें जयपुर की पारंपरिक गुलाबी नगरी, राजपूताना वास्तुकला, झरोखे, छतरियां और मेहराब जैसी सांस्कृतिक पहचान नज़र नहीं आती।
जयपुर अपनी ऐतिहासिक दीवारों, भव्य प्रवेश द्वारों और विशिष्ट स्थापत्य शैली के लिए देश-दुनिया में प्रसिद्ध है। ऐसे में नए एंट्री गेट से भी यही उम्मीद की जा रही थी कि वह शहर की विरासत और सांस्कृतिक पहचान को दर्शाएगा। हालांकि मौजूदा डिजाइन को देखकर कई लोगों ने इसे किसी सामान्य आधुनिक शहर के प्रवेश द्वार जैसा बताया है।
विरासत विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जयपुर जैसे विश्व धरोहर शहर में बनने वाली नई संरचनाओं में स्थानीय संस्कृति और ऐतिहासिक तत्वों को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया, तो शहर की विशिष्ट पहचान प्रभावित हो सकती है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि संबंधित एजेंसियां इन सुझावों को ध्यान में रखते हुए डिजाइन में बदलाव करती हैं या नहीं।
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