जानकारी के अनुसार, फरवरी 2026 में एएसआई लिखमाराम के मोबाइल पर एक अनजान नंबर से वॉट्सऐप मैसेज आया। मैसेज में इन्वेस्टमेंट के नाम पर एक लिंक भेजा गया। ठगों ने उन्हें ‘ऑनलाइन शॉप समर कलेक्शन’ नाम की एक ऑनलाइन शॉप से जोड़ा और बताया कि शॉप पर सामान के ऑर्डर करने पर 20 प्रतिशत तक कमीशन सीधे वॉलेट या बैंक खाते में मिलेगा।
शुरुआत में ठगों ने पीड़ित से 16,029 रुपए ट्रांसफर करवाए। इसके बाद उन्हें कुछ कमीशन दिखाकर भरोसा जीत लिया गया। जब पीड़ित ने अपने पैसे निकालने की कोशिश की तो ठगों ने अलग-अलग बहाने बनाकर रकम जमा करवानी शुरू कर दी। कभी जीएसटी, कभी सर्विस टैक्स तो कभी अन्य चार्ज के नाम पर लगातार पैसे ट्रांसफर करवाए गए।
पीड़ित के मुताबिक, 12 फरवरी 2026 से 2 सितंबर 2026 के बीच वह ठगों के जाल में फंसकर अलग-अलग यूपीआई आईडी और बैंक खातों में रकम ट्रांसफर करते रहे। इसमें उनके खुद के साथ-साथ उनके बेटे समरजीत और परिचित कुणाल गोयल के बैंक खातों का भी इस्तेमाल हुआ। इस दौरान करीब 15,58,521 रुपए अलग-अलग खातों में ट्रांसफर किए गए।
जब पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ तो उन्होंने साइबर हेल्पलाइन 1930 और साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। कुल मिलाकर उनके साथ 16,42,964 रुपए की साइबर धोखाधड़ी हुई।
अब माता का थान थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर साइबर ठगों की तलाश और ट्रांजैक्शन से जुड़े बैंक खातों एवं यूपीआई आईडी की जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस ठगी के पीछे कौन सा गिरोह सक्रिय है और रकम किन खातों में पहुंची।
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