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राजस्थान में हर दिन 28 महिलाओं की कैंसर से मौत, 5 साल में 52 हजार से ज्यादा जानें गईं

जयपुर। देश में महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए कैंसर एक गंभीर और जानलेवा चुनौती बनता जा रहा है। राजस्थान में हालात बेहद चिंताजनक हैं, जहां हर दिन औसतन 28 महिलाओं की कैंसर से मौत हो रही है। पिछले 5 वर्षों में ब्रेस्ट, सर्वीक्स और ओवरी कैंसर से कुल 52,378 महिलाओं की जान जा चुकी है। यह खुलासा भास्कर द्वारा किए गए तीन प्रमुख महिला कैंसरों के एनालिसिस में हुआ है।

आंकड़ों के अनुसार, इन मौतों में सबसे ज्यादा 31,448 महिलाएं ब्रेस्ट कैंसर, 10,851 सर्वीक्स कैंसर और 10,079 ओवरी कैंसर की शिकार हुई हैं। देशभर में इन तीनों कैंसर से होने वाली मौतों में उत्तर प्रदेश पहले स्थान पर है, जबकि राजस्थान भी शीर्ष राज्यों में शामिल है।

तीन राज्यों में हर दिन 17 महिलाओं की मौत

रिपोर्ट में सामने आया है कि पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में मिलाकर हर दिन करीब 17 महिलाओं की कैंसर से मौत हो रही है। वहीं, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल और राजस्थान में कैंसर के सबसे ज्यादा मामले दर्ज किए गए हैं।

चिंताजनक तथ्य यह भी है कि बिहार और छत्तीसगढ़ में कैंसर का ग्राफ सबसे तेजी से बढ़ा है। इन दोनों राज्यों में नए मामलों में 21-22% और मौतों में करीब 20% तक की वृद्धि दर्ज की गई है।

क्यों बढ़ रहा महिलाओं में कैंसर?

विशेषज्ञों के अनुसार,

  • ब्रेस्ट कैंसर के प्रमुख कारणों में जेनेटिक म्यूटेशन, हार्मोनल असंतुलन, जल्दी माहवारी शुरू होना, देर से रजोनिवृत्ति, मोटापा, शराब और तंबाकू का सेवन शामिल है।

  • सर्वीक्स कैंसर मुख्य रूप से एचपीवी वायरस, धूम्रपान और एचआईवी संक्रमण से जुड़ा है।

  • ओवरी कैंसर के पीछे बढ़ती उम्र, जीन म्यूटेशन, एंडोमेट्रियोसिस जैसे कारण जिम्मेदार हैं।

30+ महिलाओं के लिए अनिवार्य स्क्रीनिंग जरूरी

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि 30 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं की नियमित और अनिवार्य स्क्रीनिंग से कैंसर को शुरुआती चरण में पकड़ा जा सकता है। इससे समय रहते इलाज शुरू कर कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।

महिलाओं को सलाह दी गई है कि वे:

  • समय-समय पर मेडिकल जांच कराएं

  • स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं

  • नियमित व्यायाम करें

  • सर्वीक्स कैंसर से बचाव के लिए एचपीवी वैक्सीन जरूर लगवाएं


निष्कर्ष:

राजस्थान सहित देश के कई राज्यों में महिलाओं के लिए कैंसर एक साइलेंट किलर बन चुका है। भयावह आंकड़े यह संकेत देते हैं कि जागरूकता, समय पर स्क्रीनिंग और स्वस्थ जीवनशैली ही इस खतरे से निपटने का सबसे प्रभावी तरीका है। अगर समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले वर्षों में हालात और भी गंभीर हो सकते हैं।

Written By

Chanchal Rathore

Desk Reporter

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