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सीकर में सैनी-पारीक-सैन-सोनी समाज को बड़ा झटका, हॉस्टल की जमीन आवंटन रद्द; सड़कों पर उतरे लोग

सीकर। सीकर में सैनी, पारीक, सैन और मैढ़ क्षत्रिय स्वर्णकार (सोनी) समाज को उस वक्त बड़ा झटका लगा, जब यूआईटी सीकर ने चारों समाजों के हॉस्टल निर्माण के लिए आवंटित जमीन को निरस्त कर दिया। जमीन निरस्तीकरण के विरोध में शुक्रवार को चारों समाजों के लोगों ने संयुक्त रूप से आक्रोश रैली निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचते हुए जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।

पारीक सोशल ग्रुप, सैनी समाज संस्था, मैढ़ क्षत्रिय स्वर्णकार समाज और सैन समाज सेवा समिति के बैनर तले निकली इस रैली में बड़ी संख्या में समाजजन शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि जमीन आवंटन को यथावत रखा जाए और लीज डीड जारी कर तत्काल कब्जा दिया जाए।

48 लाख रुपए जमा, फिर भी आवंटन रद्द

समाज प्रतिनिधियों ने बताया कि यूआईटी सीकर द्वारा जारी डिमांड नोटिस के तहत चारों समाजों ने कुल 48 लाख रुपए यूआईटी के बैंक खाते में 9 अक्टूबर 2023 को जमा करवा दिए थे। इसके बावजूद अचानक जमीन निरस्त करने का पत्र जारी कर दिया गया, जिससे समाज में भारी रोष है।

हर समाज को 1500-1500 वर्गमीटर जमीन मिली थी

प्रतिनिधियों ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों और दूर-दराज से आने वाले विद्यार्थियों के लिए किफायती हॉस्टल की जरूरत को देखते हुए वर्ष 2022 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने घोषणा की थी। इसके बाद वर्ष 2023 में यूआईटी सीकर ने चारों समाजों को हॉस्टल निर्माण के लिए जमीन आवंटित की थी।

  • पारीक सोशल ग्रुप,

  • सैन समाज सेवा समिति,

  • मैढ़ क्षत्रिय स्वर्णकार सभा

इन तीनों को राजस्व ग्राम राधाकिशनपुरा के खसरा नंबर 1578/159 में 1500-1500 वर्गमीटर जमीन दी गई थी।
वहीं सैनी समाज संस्था सीकर को खसरा नंबर 1431/203 में 1500 वर्गमीटर भूमि स्वीकृत की गई थी।

कब्जा मांगा तो आया निरस्तीकरण का पत्र

ज्ञापन में बताया गया कि पूरी राशि जमा कराने के बाद चारों समाजों ने मुख्यमंत्री, यूडीएच मंत्री, जिला कलेक्टर और यूआईटी सचिव को पत्र लिखकर लीज डीड और कब्जा देने की मांग की थी। इसके बाद लंबे समय तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।

अचानक नवंबर 2025 में सैन समाज सेवा समिति को और जनवरी 2026 में बाकी तीन समाजों को आवंटित भूमि निरस्त किए जाने का पत्र भेज दिया गया। इससे समाजों में भारी आक्रोश फैल गया।

संयुक्त संघर्ष समिति बनाकर आंदोलन की चेतावनी

आवंटन निरस्तीकरण के बाद चारों समाजों ने संयुक्त संघर्ष समिति का गठन किया और आक्रोश रैली निकाली। मुख्यमंत्री के नाम पत्र लिखकर जिला कलेक्टर को सौंपा गया। समाज प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द निर्णय वापस नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।


निष्कर्ष:

हॉस्टल के लिए जमीन आवंटन रद्द होने से सैनी, पारीक, सैन और सोनी समाज में गहरा रोष है। पूरी राशि जमा होने के बाद भी जमीन निरस्त किया जाना प्रशासनिक प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर रहा है। अब सभी की नजर सरकार और यूआईटी के अगले फैसले पर टिकी है, क्योंकि यह मुद्दा आने वाले दिनों में बड़ा सामाजिक आंदोलन बन सकता है।

Written By

Chanchal Rathore

Desk Reporter

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