Download App Now Register Now

देवीपाटन मंडल में भ्रष्टाचार पर बड़ी कार्रवाई, गोपनीय जांच में आरोप सही पाए जाने पर पुलिस विभाग में हड़कंप

बहराइच/देवीपाटन: अपहृत युवती की बरामदगी के नाम पर रिश्वतखोरी के गंभीर मामले ने एक बार फिर पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। देवीपाटन मंडल में सामने आए इस प्रकरण में जांच के बाद आरोप सही पाए जाने पर थाना मटेरा, जनपद बहराइच के तीन पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।

यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के विरुद्ध पुलिस विभाग की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत की गई है, जिसे प्रशासन की बड़ी और सख्त पहल के रूप में देखा जा रहा है।

क्या है पूरा मामला

प्राप्त जानकारी के अनुसार, गजेंद्र सिंह पुत्र स्व. फूल सिंह, निवासी सिखदपुरवा, थाना रिसिया, जनपद बहराइच द्वारा कोलकाता निवासी एक युवती का अपहरण किया गया था। अपहृत युवती को आरोपी ने अपने बहनोई मुनीजर सिंह पुत्र स्व. हरजीत सिंह, निवासी ग्राम धनौली गौरा, थाना मटेरा, जनपद बहराइच के घर में छिपाकर रखा था।

इस संबंध में पश्चिम बंगाल के थाना मध्यमग्राम, जिला नार्थ 24 परगना में मुकदमा संख्या 895/2025, धारा 137(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया था।

संयुक्त कार्रवाई में युवती की सकुशल बरामदगी

मामले की गंभीरता को देखते हुए पश्चिम बंगाल पुलिस की टीम स्थानीय पुलिस के सहयोग से थाना मटेरा, बहराइच पहुंची। संयुक्त अभियान के दौरान अपहृत युवती को मुनीजर सिंह के घर से सकुशल बरामद कर लिया गया। इसके बाद आरोपी गजेंद्र सिंह और मुनीजर सिंह को थाना मटेरा लाया गया।

₹1 लाख रिश्वत लेकर छोड़ने का आरोप

आरोप है कि थाना मटेरा के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक सुरेन्द्र कुमार बौद्ध, उपनिरीक्षक विशाल जायसवाल और आरक्षी अवधेश यादव ने आरोपी मुनीजर सिंह से ₹1 लाख की रिश्वत लेकर उसे थाने से छोड़ दिया। इस गंभीर आरोप को लेकर मुनीजर सिंह ने देवीपाटन मंडल की भ्रष्टाचार निरोधक हेल्पलाइन नंबर 8467919487 पर शिकायत दर्ज कराई।

गोपनीय जांच में आरोप साबित

शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पुलिस महानिरीक्षक, देवीपाटन मंडल के निर्देश पर भ्रष्टाचार निरोधक सेल द्वारा मामले की गोपनीय जांच कराई गई। प्रारंभिक जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए, जिसके बाद विस्तृत जांच कराई गई। विस्तृत जांच में भी पुलिसकर्मियों पर लगे आरोप प्रमाणित हुए।

पीड़ित को लौटाई गई रिश्वत की रकम

जांच में दोषी पाए जाने के बाद संबंधित पुलिसकर्मियों द्वारा पीड़ित पक्ष को ली गई रिश्वत की पूरी रकम वापस कर दी गई। प्रशासन का यह कदम निष्पक्षता और पारदर्शिता का उदाहरण माना जा रहा है।

तीनों पुलिसकर्मी निलंबित, विभागीय कार्रवाई शुरू

मामले में दोषी पाए जाने पर प्रभारी निरीक्षक सुरेन्द्र कुमार बौद्ध, उपनिरीक्षक विशाल जायसवाल और आरक्षी अवधेश यादव को परिक्षेत्रीय कार्यालय के हस्तक्षेप के बाद तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। साथ ही उत्तर प्रदेश अधीनस्थ श्रेणी के पुलिस अधिकारियों की दंड एवं अपील नियमावली-1991 के नियम 14(1) के तहत इनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई भी संस्थित कर दी गई है।

भ्रष्टाचार पर सख्त संदेश

पुलिस विभाग की ओर से स्पष्ट किया गया है कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी स्तर पर न तो लापरवाही बर्दाश्त की जाएगी और न ही किसी को संरक्षण दिया जाएगा। भ्रष्टाचार निरोधक हेल्पलाइन पर आने वाली हर शिकायत पर इसी तरह निष्पक्ष और कठोर कार्रवाई की जाएगी।


निष्कर्ष:

यह मामला जहां पुलिस व्यवस्था में मौजूद भ्रष्टाचार की सच्चाई को उजागर करता है, वहीं यह भी साबित करता है कि शिकायत करने पर दोषियों के खिलाफ ठोस और प्रभावी कार्रवाई संभव है। देवीपाटन मंडल की यह कार्रवाई आम जनता के बीच भरोसा कायम करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।

Written By

Chanchal Rathore

Desk Reporter

Related News

All Rights Reserved & Copyright © 2015 By HP NEWS. Powered by Ui Systems Pvt. Ltd.

BREAKING NEWS
अर्नब चक्रवात का असर: राजस्थान में बारिश के साथ गिरे ओले, उत्तराखंड में बर्फबारी; ओडिशा में बाढ़-भूस्खलन से 3 की मौत | खाटूश्याम बाबा के दर्शन साढ़े 19 घंटे रहेंगे बंद, दीपावली पर मंदिर में होगी साफ-सफाई; जानें नया शेड्यूल | राजस्थान पंचायत चुनाव परिणाम: नीमकाथाना की 39 ग्राम पंचायतों में सरपंचों के नतीजे घोषित, सिरोही में सबसे बड़ी जीत | सरदार पटेल की 151वीं जयंती पर अमित शाह ने दी श्रद्धांजलि, बोले- 2029 तक देश को नशामुक्त बनाने का लक्ष्य | सरदार पटेल की 151वीं जयंती पर जयपुर में ‘रन फॉर यूनिटी’, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दिलाई एकता की शपथ | चक्रवात अर्नब की ताजा अपडेट: कमजोर पड़ा चक्रवात अर्नब, राजस्थान से बिहार तक मौसम का अलर्ट; अंडमान सागर में नया सिस्टम सक्रिय | चुनाव आयोग का बड़ा फैसला: दिल्ली, महाराष्ट्र समेत 6 राज्यों में SIR की समयसीमा बढ़ाई, जानिए नई तारीखें | RSS के गढ़ नागपुर में कांग्रेस की जीत से BJP को झटका, पुणे में भी हारी; जानिए कहां बिगड़ा चुनावी गणित | भूटान में ग्लेशियर झील फटी, गासा का मशहूर गर्म पानी का कुंड बहा; भारत में बाढ़ का खतरा, बंगाल में 10 हजार लोग सुरक्षित स्थानों पर भेजे गए | मोदी नहीं, 'ओदी' कहिए... ज्ञानेश कुमार का नाम भी बदला, CJP नेता आशुतोष रांका ने समर्थकों को सिखाई कोड लैंग्वेज |