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चांदी ₹10,888 उछलकर ₹3.05 लाख के ऑलटाइम हाई पर: 20 दिन में ₹74 हजार महंगी, सोना भी ₹1.46 लाख के पार

नई दिल्ली। देश के सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों ने नया इतिहास रच दिया है। आज यानी 20 जनवरी को लगातार दूसरे दिन दोनों कीमती धातुएं अपने ऑलटाइम हाई पर पहुंच गईं। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताजा आंकड़ों के अनुसार एक किलो चांदी पहली बार 3 लाख रुपये के पार निकल गई है।

चांदी आज 10,888 रुपये की बड़ी छलांग लगाकर 3,04,863 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई। इससे पहले सोमवार को इसका भाव 2,93,975 रुपये था। MCX पर चांदी पहले ही 3 लाख के स्तर को पार कर चुकी थी। केवल जनवरी के 20 दिनों में ही चांदी की कीमत 74,443 रुपये बढ़ चुकी है।

वहीं सोने की कीमत भी नई ऊंचाई पर पहुंच गई है। 24 कैरेट सोना आज 2,429 रुपये महंगा होकर 1,46,375 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। एक दिन पहले इसका भाव 1,43,946 रुपये था। इस साल अब तक सोना कुल 13,180 रुपये महंगा हो चुका है।

2025 में सोना 75% और चांदी 167% महंगी

पिछले साल यानी 2025 में कीमती धातुओं ने निवेशकों को जबरदस्त रिटर्न दिया।
31 दिसंबर 2024 को 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 76,162 रुपये था, जो 31 दिसंबर 2025 तक बढ़कर 1,33,195 रुपये हो गया। यानी एक साल में सोने की कीमत में 57,033 रुपये (करीब 75%) की बढ़ोतरी हुई।

इसी अवधि में चांदी की कीमत और भी ज्यादा उछली। 31 दिसंबर 2024 को एक किलो चांदी 86,017 रुपये थी, जो 31 दिसंबर 2025 तक बढ़कर 2,30,420 रुपये हो गई। यानी चांदी में 1,44,403 रुपये (करीब 167%) की तेजी दर्ज की गई।

चांदी में तेजी के 3 बड़े कारण

विशेषज्ञों के मुताबिक चांदी की कीमतों में तेजी के पीछे कई मजबूत कारण हैं।

पहला, इंडस्ट्रियल डिमांड। सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स में चांदी का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। अब चांदी सिर्फ ज्वेलरी तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि यह एक अहम औद्योगिक कच्चा माल बन चुकी है।

दूसरा, अमेरिका में संभावित टैरिफ का डर। डोनाल्ड ट्रंप की व्यापार नीतियों को लेकर आशंका के चलते अमेरिकी कंपनियां भारी मात्रा में चांदी का स्टॉक जमा कर रही हैं। इससे ग्लोबल सप्लाई दबाव में आई है और कीमतें ऊपर चढ़ी हैं।

तीसरा, मैन्युफैक्चरर्स की अग्रिम खरीदारी। प्रोडक्शन रुकने के डर से कंपनियां पहले ही बड़ी मात्रा में चांदी खरीद रही हैं, जिससे आने वाले महीनों में भी तेजी बने रहने की संभावना है।

इस साल ₹4 लाख तक जा सकती है चांदी

कमोडिटी एक्सपर्ट्स का मानना है कि चांदी में तेजी का दौर अभी खत्म नहीं हुआ है।

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के अनुसार 2026 में चांदी 3.20 लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंच सकती है और हर गिरावट पर खरीदारी की सलाह दी गई है।

सैमको सिक्योरिटीज का कहना है कि मजबूत टेक्निकल ब्रेकआउट और वैश्विक संकेतों के आधार पर चांदी 3.94 लाख रुपये प्रति किलो तक भी जा सकती है।

कमोडिटी एक्सपर्ट नीलेश सुराना के मुताबिक ग्रीन एनर्जी की बढ़ती मांग और अमेरिकी ब्याज दरों में कटौती से चांदी 100 डॉलर प्रति औंस यानी करीब 3.5 से 4 लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंच सकती है।

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर का कहना है कि चांदी में लंबी अवधि की तेजी अभी जारी रहेगी और निवेशकों को हर छोटी गिरावट का फायदा उठाना चाहिए।

ग्लोबल इन्वेस्टर रॉबर्ट कियोसाकी ने तो यहां तक कहा है कि डॉलर की कमजोरी और महंगाई के चलते 2026 में चांदी 200 डॉलर प्रति औंस के चौंकाने वाले स्तर तक भी जा सकती है।

सोने में तेजी के 3 प्रमुख कारण

सोने की कीमतों में तेजी के पीछे भी कई वैश्विक कारण हैं।

पहला, डॉलर की कमजोरी। अमेरिका में ब्याज दरों में कटौती से डॉलर कमजोर हुआ है, जिससे सोने की होल्डिंग कॉस्ट कम हुई और निवेश बढ़ा।

दूसरा, भू-राजनीतिक तनाव। रूस-यूक्रेन युद्ध और वैश्विक तनाव के चलते निवेशक सोने को सुरक्षित निवेश मानकर खरीद रहे हैं।

तीसरा, सेंट्रल बैंकों की खरीदारी। चीन समेत कई देश अपने रिजर्व बैंक में लगातार सोना जोड़ रहे हैं। सालभर में 900 टन से ज्यादा सोने की खरीद ने कीमतों को मजबूत किया है।


निष्कर्ष:

सोना और चांदी दोनों ही इस समय मजबूत ग्लोबल संकेतों और बढ़ती मांग के कारण रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुके हैं। जहां सोना सुरक्षित निवेश के रूप में चमक रहा है, वहीं चांदी इंडस्ट्रियल और ग्रीन एनर्जी की जरूरतों के चलते निवेशकों की पहली पसंद बनती जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार निकट भविष्य में इन दोनों कीमती धातुओं में तेजी का रुझान बना रह सकता है, हालांकि निवेश से पहले जोखिम और उतार-चढ़ाव को समझना जरूरी होगा।

Written By

Chanchal Rathore

Desk Reporter

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