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दून मेडिकल कॉलेज में मुस्लिम छात्र के साथ रैगिंग का आरोप: बेल्ट-चप्पलों से पिटाई, जबरन बाल ट्रिम; 2 सीनियर छात्र निष्कासित

देहरादून। राजकीय दून मेडिकल कॉलेज से रैगिंग का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक मुस्लिम MBBS फर्स्ट ईयर छात्र ने अपने सीनियर छात्रों पर मारपीट और मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया है। पीड़ित छात्र का कहना है कि सीनियरों ने उसे बेल्ट और चप्पलों से पीटा, जबरन बाल ट्रिम करवाए और रात के समय कैंपस के बाहर सोने को मजबूर किया।

यह घटना 12 जनवरी की बताई जा रही है। छात्र ने अगले दिन 13 जनवरी को कॉलेज वार्डन को एक लिखित शिकायत सौंपी, जिसके बाद मामला कॉलेज प्रशासन और प्राचार्य कार्यालय तक पहुंचा।

प्राचार्य का बयान, जांच शुरू

दून मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. गीता जैन ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि छात्र की शिकायत को संज्ञान में लेते हुए जांच एंटी रैगिंग कमेटी को सौंप दी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मारपीट, जबरन बाल कटवाने और मानसिक उत्पीड़न समेत सभी आरोपों की बिंदुवार जांच की जा रही है।

दो छात्र हॉस्टल से निष्कासित

रैगिंग के आरोपों के बाद एंटी रैगिंग कमेटी ने प्रारंभिक कार्रवाई करते हुए दो सीनियर छात्रों को हॉस्टल से निष्कासित कर दिया है। जांच रिपोर्ट आने तक दोनों छात्रों को हॉस्टल में रहने की अनुमति नहीं होगी। यदि रिपोर्ट में आरोप सिद्ध होते हैं, तो उनके खिलाफ और भी कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।

स्वास्थ्य मंत्री ने दिए सख्त निर्देश

इस मामले पर उत्तराखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कॉलेज प्राचार्य को विस्तृत जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। मंत्री ने कहा कि शिक्षण संस्थानों में रैगिंग जैसी घटनाएं अनुशासन और व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं।

उन्होंने कॉलेज प्रशासन को सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुसार रैगिंग रोकने के लिए सभी प्रभावी कदम उठाने को कहा है।

छात्र ने शिकायत में क्या लिखा

पीड़ित छात्र ने अपनी चिट्ठी में लिखा कि 12 जनवरी को दो सीनियर छात्रों ने उसे कैंपस के बाहर ले जाकर बेल्ट और चप्पलों से पीटा। उसे जबरन बाल ट्रिम करवाने के लिए मजबूर किया गया और रात में कैंपस के बाहर बने ‘स्वास्तिक’ के पास सोने को कहा गया। छात्र ने बताया कि इस घटना के बाद वह बेहद डरा और मानसिक रूप से परेशान है।

एंटी रैगिंग कमेटी की पूछताछ

सूत्रों के अनुसार, कॉलेज की एंटी रैगिंग कमेटी, जिसकी अगुवाई प्रोफेसर डॉ. गजाला रिजवी कर रही हैं, ने पीड़ित छात्र (बैच 2025) और आरोपी छात्रों (बैच 2023 और 2024) से लंबी पूछताछ की है। पूछताछ के दौरान पीड़ित छात्र सहमा हुआ नजर आया और उसने अपने आरोपों को दोहराया।

कॉलेज प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट जल्द ही सौंप दी जाएगी, जिसके बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।


निष्कर्ष

दून मेडिकल कॉलेज में सामने आया यह मामला एक बार फिर मेडिकल संस्थानों में रैगिंग की गंभीरता को उजागर करता है। प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से यह संकेत जरूर मिला है कि आरोपों को हल्के में नहीं लिया जा रहा, लेकिन अंतिम सच जांच रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगा। फिलहाल पीड़ित छात्र की सुरक्षा और निष्पक्ष जांच सबसे बड़ी प्राथमिकता बनी हुई है।

Written By

Chanchal Rathore

Desk Reporter

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