Download App Now Register Now

पालम अग्निकांड पर सियासी संग्राम: शोक के बीच भिड़े AAP-BJP कार्यकर्ता, कुर्सियां फेंकीं, धक्कामुक्की से मचा हंगामा

दिल्ली: के पालम इलाके में हुए भीषण अग्निकांड ने जहां एक ओर पूरे देश को झकझोर दिया है, वहीं दूसरी ओर इस दुखद घटना पर सियासत भी तेज हो गई है। एक ही परिवार के 9 लोगों की दर्दनाक मौत के बाद शोक का माहौल था, लेकिन इसी बीच राजनीतिक दलों के बीच टकराव ने हालात को और तनावपूर्ण बना दिया।

घटना के बाद आम आदमी पार्टी के प्रमुख नेता शोक संतप्त परिवार से मिलने पहुंचे। इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, आतिशी और सौरभ भारद्वाज ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर संवेदनाएं व्यक्त कीं। लेकिन इस दौरान मौके पर माहौल अचानक बिगड़ गया और AAP तथा BJP कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।

शोक सभा में हंगामा, कुर्सियां फेंकने के आरोप

AAP नेताओं का आरोप है कि जब वे परिवार से मिलने पहुंचे, तब भाजपा समर्थकों ने उनके साथ बदसलूकी की। आरोपों के मुताबिक, कार्यकर्ताओं ने कुर्सियां फेंकीं और धक्कामुक्की की, जिससे माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया।

सौरभ भारद्वाज के साथ धक्कामुक्की की घटना भी सामने आई। उन्होंने आरोप लगाया कि न सिर्फ उन्हें रोका गया, बल्कि मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने आक्रामक व्यवहार भी किया।

केजरीवाल का बड़ा आरोप

अरविंद केजरीवाल ने इस पूरे घटनाक्रम पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जब एक परिवार अपने नौ सदस्यों को खो चुका है, उस समय इस तरह का व्यवहार बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि फायर ब्रिगेड की सीढ़ियां समय पर काम नहीं कर रही थीं। उनके मुताबिक, अगर राहत कार्य सही तरीके से और समय पर किया जाता, तो शायद कुछ लोगों की जान बचाई जा सकती थी।

भाजपा की मौजूदगी और बढ़ा तनाव

मौके पर भाजपा नेता कुलदीप सोलंकी की मौजूदगी भी बताई जा रही है। हालांकि भाजपा की ओर से इन आरोपों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई, लेकिन दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।

क्या है पूरा मामला?

यह घटना दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के पालम इलाके की है, जहां बुधवार सुबह एक बहुमंजिला इमारत में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि एक ही परिवार के 9 लोगों की जान चली गई।

मृतकों में एक 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला और उनकी तीन छोटी पोतियां भी शामिल थीं। सबसे छोटी बच्ची की उम्र महज 3 साल बताई जा रही है। हादसे में तीन लोग घायल भी हुए, जिनमें से दो ने जान बचाने के लिए इमारत से छलांग लगा दी थी।

आग लगने की वजह अभी भी रहस्य

अब तक आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। पुलिस और फायर विभाग जांच में जुटे हैं। शुरुआती अनुमान शॉर्ट सर्किट की ओर इशारा कर रहे हैं, लेकिन आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।

राहत कार्य और सवाल

इस हादसे के बाद राहत और बचाव कार्यों को लेकर भी कई सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि दमकल विभाग को मौके पर पहुंचने में देरी हुई, जबकि कुछ ने उपकरणों के सही तरीके से काम न करने का आरोप लगाया।

सियासत बनाम संवेदनशीलता

यह पूरा घटनाक्रम एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि क्या त्रासदी के समय राजनीति को किनारे नहीं रखा जाना चाहिए? जहां एक ओर परिवार अपने अपनों के खोने के गम में डूबा है, वहीं दूसरी ओर राजनीतिक बयानबाजी और टकराव ने माहौल को और दुखद बना दिया है।

Written By

Chanchal Rathore

Desk Reporter

Related News

All Rights Reserved & Copyright © 2015 By HP NEWS. Powered by Ui Systems Pvt. Ltd.

BREAKING NEWS
अर्नब चक्रवात का असर: राजस्थान में बारिश के साथ गिरे ओले, उत्तराखंड में बर्फबारी; ओडिशा में बाढ़-भूस्खलन से 3 की मौत | खाटूश्याम बाबा के दर्शन साढ़े 19 घंटे रहेंगे बंद, दीपावली पर मंदिर में होगी साफ-सफाई; जानें नया शेड्यूल | राजस्थान पंचायत चुनाव परिणाम: नीमकाथाना की 39 ग्राम पंचायतों में सरपंचों के नतीजे घोषित, सिरोही में सबसे बड़ी जीत | सरदार पटेल की 151वीं जयंती पर अमित शाह ने दी श्रद्धांजलि, बोले- 2029 तक देश को नशामुक्त बनाने का लक्ष्य | सरदार पटेल की 151वीं जयंती पर जयपुर में ‘रन फॉर यूनिटी’, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दिलाई एकता की शपथ | चक्रवात अर्नब की ताजा अपडेट: कमजोर पड़ा चक्रवात अर्नब, राजस्थान से बिहार तक मौसम का अलर्ट; अंडमान सागर में नया सिस्टम सक्रिय | चुनाव आयोग का बड़ा फैसला: दिल्ली, महाराष्ट्र समेत 6 राज्यों में SIR की समयसीमा बढ़ाई, जानिए नई तारीखें | RSS के गढ़ नागपुर में कांग्रेस की जीत से BJP को झटका, पुणे में भी हारी; जानिए कहां बिगड़ा चुनावी गणित | भूटान में ग्लेशियर झील फटी, गासा का मशहूर गर्म पानी का कुंड बहा; भारत में बाढ़ का खतरा, बंगाल में 10 हजार लोग सुरक्षित स्थानों पर भेजे गए | मोदी नहीं, 'ओदी' कहिए... ज्ञानेश कुमार का नाम भी बदला, CJP नेता आशुतोष रांका ने समर्थकों को सिखाई कोड लैंग्वेज |