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असम में ‘सत्ता की जंग’ तेज: अमित शाह का मेगा रोड शो, कांग्रेस छोड़ BJP में आए नेता ने खोले बड़े राज

असम विधानसभा चुनाव 2026: को लेकर सियासी माहौल तेजी से गर्म होता जा रहा है। इसी कड़ी में केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने शनिवार को Guwahati में भव्य रोड शो कर चुनाव प्रचार को नई गति दे दी।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) राज्य में लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी के लक्ष्य के साथ पूरी ताकत झोंक चुकी है। अमित शाह का यह रोड शो इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें पार्टी ने अपने बड़े नेताओं को मैदान में उतार दिया है।

रोड शो में दिखा शक्ति प्रदर्शन

गुवाहाटी की सड़कों पर हुए इस रोड शो में भारी भीड़ उमड़ी। अमित शाह खुले वाहन में सवार होकर समर्थकों का अभिवादन करते नजर आए। उनके साथ पार्टी के कई स्थानीय नेता भी मौजूद रहे।

इस दौरान भाजपा के समर्थन में नारेबाजी और उत्साह देखने को मिला, जिससे यह साफ संकेत मिला कि पार्टी इस चुनाव को बेहद गंभीरता से ले रही है।

रोड शो में Pradyut Bordoloi भी अमित शाह के साथ नजर आए। खास बात यह है कि बोरदोलोई हाल ही में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए हैं और अब वे पार्टी के टिकट पर चुनाव मैदान में हैं।

तीसरी बार सत्ता में आने की कोशिश

BJP असम में लगातार तीसरी बार सरकार बनाने की कोशिश में है। पिछले दो चुनावों में मिली सफलता के बाद पार्टी इस बार भी जीत की हैट्रिक लगाने का लक्ष्य लेकर चल रही है।

पार्टी के शीर्ष नेता लगातार राज्य का दौरा कर रहे हैं और जनता के बीच जाकर अपनी योजनाओं और उपलब्धियों को बता रहे हैं।

कांग्रेस की वापसी की उम्मीद

दूसरी ओर Indian National Congress भी इस चुनाव को पूरी ताकत से लड़ रही है। पार्टी लंबे समय से सत्ता से बाहर है और इस बार वापसी की उम्मीद में चुनाव मैदान में उतरी है।

कांग्रेस राज्य में अपनी खोई हुई जमीन वापस पाने के लिए आक्रामक रणनीति अपना रही है।

बोरदोलोई का कांग्रेस पर हमला

रोड शो से पहले प्रद्युत बोरदोलोई ने अपनी पूर्व पार्टी कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पार्टी के भीतर उन्हें लगातार अपमानित किया गया और उनके आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाई गई।

उन्होंने दावा किया कि यही वजह थी कि उन्होंने कांग्रेस छोड़ने का फैसला लिया। लगभग पांच दशकों तक कांग्रेस से जुड़े रहने के बाद उनका यह कदम राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है।

अब वे भाजपा के टिकट पर दिसपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं, जिससे इस सीट पर मुकाबला और दिलचस्प हो गया है।

बागियों का बढ़ता प्रभाव

असम चुनाव से पहले दोनों प्रमुख दलों—BJP और कांग्रेस—में बागियों का असर भी देखने को मिल रहा है। कई नेताओं ने पार्टी बदल ली है, जिससे चुनावी समीकरण प्रभावित हो रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि बागियों की भूमिका इस चुनाव में निर्णायक साबित हो सकती है।

रणनीति और समीकरण

BJP जहां विकास, कानून-व्यवस्था और केंद्र सरकार की योजनाओं को मुद्दा बना रही है, वहीं कांग्रेस महंगाई, बेरोजगारी और स्थानीय मुद्दों को उठाकर सरकार को घेरने की कोशिश कर रही है।

दोनों दलों के बीच सीधा मुकाबला होने की संभावना है, हालांकि क्षेत्रीय दल भी कुछ सीटों पर प्रभाव डाल सकते हैं।

जनता के बीच पहुंच बनाने की कोशिश

अमित शाह का यह रोड शो केवल शक्ति प्रदर्शन नहीं, बल्कि जनता से सीधा संवाद स्थापित करने की कोशिश भी है।

पार्टी नेताओं का मानना है कि इस तरह के कार्यक्रमों से कार्यकर्ताओं में उत्साह बढ़ता है और वोटरों तक सीधा संदेश पहुंचता है।

Written By

Chanchal Rathore

Desk Reporter

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