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जयपुर में ब्लास्टिंग की साजिश नाकाम! 795 किलो अमोनियम नाइट्रेट बरामद, 2 आरोपी गिरफ्तार

राजधानी: जयपुर में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध खनन के लिए जमा किए जा रहे विस्फोटकों का बड़ा जखीरा बरामद किया है। Jaipur के चंदवाजी थाना क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई में पुलिस ने 795 किलो अमोनियम नाइट्रेट, 121 डेटोनेटर, जिलेटिन बत्ती और डीटीएच वायर जब्त किए हैं।

इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों—बाबूलाल और सुरेश—को गिरफ्तार किया है। दोनों के खिलाफ विस्फोटक अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

गुप्त सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई

जानकारी के अनुसार, पुलिस को सूचना मिली थी कि त्रिवेणी क्रेशर के पास स्थित खदान क्षेत्र में कुछ लोग अवैध रूप से विस्फोटक सामग्री जमा कर रहे हैं।

इस सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी। तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद हुई।

32 कार्टन में छिपाकर रखा था विस्फोटक

जांच में सामने आया कि आरोपियों ने 32 कार्टन में अमोनियम नाइट्रेट बूस्टर के 286 नग छिपाकर रखे थे, जिनका कुल वजन 795 किलो था।

इसके अलावा 121 डेटोनेटर, जिलेटिन बत्ती, डीटीएच वायर और अन्य विस्फोटक उपकरण भी मौके से बरामद किए गए।

विशेषज्ञों के अनुसार, इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री किसी बड़े स्तर की ब्लास्टिंग के लिए इस्तेमाल की जा सकती थी।

अवैध खनन के लिए ब्लास्टिंग की थी तैयारी

पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी अवैध खनन के लिए ब्लास्टिंग की तैयारी कर रहे थे।

राजस्थान के कई इलाकों में अवैध खनन एक गंभीर समस्या बनी हुई है, जहां बिना अनुमति और सुरक्षा मानकों के खनन किया जाता है। इसके लिए अक्सर इस तरह के विस्फोटकों का उपयोग किया जाता है।

लाइसेंस नहीं, फिर भी जमा किया जखीरा

ट्रेनी आईपीएस अधिकारी Nitin Chaudhary ने बताया कि पूछताछ में आरोपियों के पास विस्फोटक सामग्री रखने का कोई लाइसेंस या वैध अनुमति नहीं मिली।

यह सीधे तौर पर कानून का उल्लंघन है। विस्फोटक अधिनियम के तहत बिना लाइसेंस इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक रखना गंभीर अपराध माना जाता है।

बड़ा नेटवर्क होने की आशंका

पुलिस अब इस मामले की गहराई से जांच कर रही है। अधिकारियों को आशंका है कि इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय हो सकता है, जो अवैध खनन और विस्फोटक सप्लाई का काम करता है।

पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इतनी बड़ी मात्रा में अमोनियम नाइट्रेट कहां से लाया गया और किन लोगों की इसमें भूमिका है।

सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा

विशेषज्ञों का कहना है कि इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री का अवैध रूप से जमा होना आम जनता की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकता है।

अगर समय रहते पुलिस कार्रवाई नहीं करती, तो यह सामग्री किसी बड़े हादसे या दुर्घटना का कारण बन सकती थी।

अवैध खनन पर सख्ती जरूरी

राज्य में अवैध खनन को रोकने के लिए प्रशासन लगातार अभियान चला रहा है, लेकिन इस तरह के मामलों से यह साफ है कि अभी भी कई लोग नियमों की अनदेखी कर रहे हैं।

ऐसे में जरूरत है कि अवैध खनन और विस्फोटक सप्लाई के पूरे नेटवर्क को खत्म करने के लिए सख्त और लगातार कार्रवाई की जाए।


निष्कर्ष:

जयपुर में पकड़ा गया यह विस्फोटक जखीरा न केवल अवैध खनन के नेटवर्क की पोल खोलता है, बल्कि सुरक्षा के लिहाज से भी बड़ा खतरा साबित हो सकता था। पुलिस की समय पर की गई कार्रवाई ने एक संभावित बड़े हादसे को टाल दिया। अब उम्मीद है कि जांच के जरिए पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश होगा।

Written By

Chanchal Rathore

Desk Reporter

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