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संभल में बुलडोजर एक्शन से मचा बवाल: ईदगाह-इमामबाड़ा ढहा, ग्रामीणों का सवाल—मंदिरों पर कार्रवाई क्यों नहीं?

उत्तर प्रदेश: के Sambhal जिले में गुरुवार को प्रशासन की बड़ी कार्रवाई ने इलाके में हलचल मचा दी। सुबह करीब 8 बजे शुरू हुआ बुलडोजर एक्शन दोपहर ढाई बजे तक चला, जिसमें एक ईदगाह और इमामबाड़े को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया। इस कार्रवाई के दौरान मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा और विरोध की आशंका के बीच स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सख्त सुरक्षा व्यवस्था की गई।

चार बुलडोजर, पांच थानों की पुलिस तैनात

प्रशासन ने बताया कि इमामबाड़े को गिराने के लिए चार बुलडोजर लगाए गए थे। मौके पर पांच थानों की पुलिस फोर्स के साथ एक कंपनी PAC भी तैनात रही। कार्रवाई के दौरान आसपास के इलाकों में भी पुलिस निगरानी बढ़ा दी गई थी, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।

क्यों हुई कार्रवाई? प्रशासन का दावा

जिला प्रशासन के अनुसार, करीब 7 बीघा चारागाह भूमि और खाद गड्ढे की जमीन पर अवैध रूप से ईदगाह और इमामबाड़ा बनाया गया था। इस जमीन की अनुमानित कीमत करीब साढ़े 6 करोड़ रुपए बताई जा रही है।

डीएम Rajendra Pensia ने बताया कि इस अवैध कब्जे के खिलाफ पहले ही कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा चुकी थी। 18 जनवरी को तहसीलदार कोर्ट में अपील दाखिल की गई थी और 31 जनवरी को नोटिस भी जारी किया गया था। इसके बावजूद कोई भी पक्ष सामने नहीं आया, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बुलडोजर कार्रवाई का खर्च भी कब्जाधारियों से ही वसूला जाएगा।

ग्रामीणों का विरोध और सवाल

कार्रवाई के दौरान गांव के लोग मौके पर इकट्ठा हो गए, लेकिन प्रशासन ने उन्हें वहां से हटा दिया। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें निर्माण हटाने के लिए पर्याप्त समय नहीं दिया गया।

एक महिला ग्रामीण जुबैदा ने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि सरकारी जमीन पर निर्माण अवैध है, तो केवल मस्जिदों और इमामबाड़ों पर ही कार्रवाई क्यों हो रही है? उन्होंने कहा कि कई मंदिर भी सरकारी जमीन पर बने हैं, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं की जाती।

वहीं, एक अन्य ग्रामीण राहत जान ने बताया कि यह स्थान केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सामाजिक उपयोग का भी केंद्र था। यहां गरीब परिवारों की शादियां होती थीं और साल में एक बार सामूहिक नमाज भी अदा की जाती थी।

कार्रवाई के दौरान हादसा

बुलडोजर कार्रवाई के दौरान एक हादसा भी हुआ। इमामबाड़े की दीवार गिरने से एक जेसीबी ऑपरेटर घायल हो गया। उसका हाथ चोटिल हो गया और मशीन भी क्षतिग्रस्त हो गई। इसके बाद उस मशीन को मौके से हटा दिया गया।

प्रशासन का सख्त रुख

एसडीएम और नायब तहसीलदार समेत कई अधिकारी मौके पर मौजूद रहे और पूरे ऑपरेशन की निगरानी करते रहे। प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई सरकारी जमीन को खाली कराने और उसे सार्वजनिक उपयोग में लाने के लिए की गई है।

डीएम ने बताया कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार ‘लैंड बैंक’ तैयार किया जा रहा है, ताकि भविष्य में सार्वजनिक परियोजनाओं के लिए जमीन उपलब्ध हो सके।

तनाव के बीच शांति बनाए रखने की कोशिश

कार्रवाई के दौरान किसी बड़े टकराव की खबर नहीं है, लेकिन इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और कहा है कि कानून के दायरे में रहकर ही सभी निर्णय लिए जा रहे हैं।

संभल में हुई बुलडोजर कार्रवाई ने एक बार फिर अवैध कब्जों और धार्मिक स्थलों को लेकर बहस छेड़ दी है। जहां प्रशासन इसे कानूनी कार्रवाई बता रहा है, वहीं स्थानीय लोग इसे पक्षपातपूर्ण कदम मान रहे हैं। आने वाले दिनों में यह मामला और तूल पकड़ सकता है, खासकर जब ऐसे मामलों में समानता और पारदर्शिता को लेकर सवाल उठते हैं।

Written By

Chanchal Rathore

Desk Reporter

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