Download App Now Register Now

महिला आरक्षण पर सियासी संग्राम: CM का विपक्ष पर बड़ा हमला, डोटासरा बोले- “दिल्ली की पर्ची पढ़ रहे हैं मुख्यमंत्री!”

लोकसभा: में महिला आरक्षण से जुड़े संविधान (131वां संशोधन) बिल के पास न होने के बाद देशभर में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। राजस्थान में भी इस मुद्दे पर राजनीति गर्मा गई है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि महिलाओं के अधिकारों को लेकर विपक्ष की नीयत साफ नहीं है, जबकि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री को “दिल्ली से आई पर्ची पढ़ने वाला” नेता बताया।

रविवार को जयपुर स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि महिला आरक्षण बिल का पास न होना देश की मातृशक्ति के साथ बड़ा अन्याय है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने अपनी “ओछी राजनीति” के चलते महिलाओं के सपनों पर पानी फेर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्षी दलों ने हमेशा महिलाओं को केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया है और जब उन्हें अधिकार देने की बात आई तो वे पीछे हट गए।

सीएम ने यह भी कहा कि महिला सशक्तिकरण के नाम पर राजनीति करने वाले दल अब बेनकाब हो चुके हैं। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में महिलाएं इस “अपमान” को नहीं भूलेंगी और लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देंगी। मुख्यमंत्री के अनुसार, विपक्ष को डर था कि अगर महिलाओं को 33% आरक्षण मिल गया, तो उनकी राजनीति कमजोर पड़ जाएगी।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी भी मौजूद रहीं, लेकिन उन्होंने कोई बयान नहीं दिया। इस बात को लेकर विपक्ष ने भी सवाल उठाए।

दूसरी ओर कांग्रेस ने मुख्यमंत्री के बयान को पूरी तरह खारिज करते हुए तीखा पलटवार किया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री स्वतंत्र रूप से नहीं बोल रहे हैं, बल्कि उन्हें “दिल्ली से निर्देश” दिए जा रहे हैं। डोटासरा ने तंज कसते हुए कहा कि एक “मैडम मंत्री” दिल्ली से पर्ची लेकर आईं और मुख्यमंत्री को वही पढ़ने के लिए कहा गया।

डोटासरा ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री खुद भी अपने भाषण को लेकर आश्वस्त नहीं थे और उन्हें निर्देश दिया गया था कि वे केवल लिखी हुई बात ही पढ़ें। उन्होंने भाजपा पर महिलाओं के सम्मान के मुद्दे पर राजनीति करने का आरोप लगाया।

कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि अगर भाजपा सच में महिलाओं को सशक्त बनाना चाहती है, तो उसे अपने ही संगठन में महिलाओं को अधिक अवसर देने चाहिए। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कांग्रेस ने देश को पहली महिला प्रधानमंत्री, पहली महिला राष्ट्रपति और पहली महिला लोकसभा अध्यक्ष दी है।

डोटासरा ने उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उन्हें प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलने तक का मौका नहीं दिया गया, जो यह दर्शाता है कि भाजपा महिलाओं को कितना सम्मान देती है। उन्होंने आरोप लगाया कि उपमुख्यमंत्री को न तो प्रशासनिक बैठकों में बुलाया जाता है और न ही उन्हें निर्णय लेने की प्रक्रिया में शामिल किया जाता है।

इस पूरे घटनाक्रम ने यह साफ कर दिया है कि महिला आरक्षण का मुद्दा अब केवल संसद तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राज्यों की राजनीति में भी इसका असर दिखाई देने लगा है। जहां एक ओर भाजपा इसे महिलाओं के अधिकारों का मुद्दा बता रही है, वहीं विपक्ष इसे अधूरा और भ्रामक कदम करार दे रहा है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले चुनावों में यह मुद्दा एक बड़ा चुनावी हथियार बन सकता है। खासकर महिला मतदाताओं को साधने के लिए सभी दल अपनी-अपनी रणनीति तैयार कर रहे हैं।

Written By

Chanchal Rathore

Desk Reporter

Related News

All Rights Reserved & Copyright © 2015 By HP NEWS. Powered by Ui Systems Pvt. Ltd.

BREAKING NEWS
अर्नब चक्रवात का असर: राजस्थान में बारिश के साथ गिरे ओले, उत्तराखंड में बर्फबारी; ओडिशा में बाढ़-भूस्खलन से 3 की मौत | खाटूश्याम बाबा के दर्शन साढ़े 19 घंटे रहेंगे बंद, दीपावली पर मंदिर में होगी साफ-सफाई; जानें नया शेड्यूल | राजस्थान पंचायत चुनाव परिणाम: नीमकाथाना की 39 ग्राम पंचायतों में सरपंचों के नतीजे घोषित, सिरोही में सबसे बड़ी जीत | सरदार पटेल की 151वीं जयंती पर अमित शाह ने दी श्रद्धांजलि, बोले- 2029 तक देश को नशामुक्त बनाने का लक्ष्य | सरदार पटेल की 151वीं जयंती पर जयपुर में ‘रन फॉर यूनिटी’, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दिलाई एकता की शपथ | चक्रवात अर्नब की ताजा अपडेट: कमजोर पड़ा चक्रवात अर्नब, राजस्थान से बिहार तक मौसम का अलर्ट; अंडमान सागर में नया सिस्टम सक्रिय | चुनाव आयोग का बड़ा फैसला: दिल्ली, महाराष्ट्र समेत 6 राज्यों में SIR की समयसीमा बढ़ाई, जानिए नई तारीखें | RSS के गढ़ नागपुर में कांग्रेस की जीत से BJP को झटका, पुणे में भी हारी; जानिए कहां बिगड़ा चुनावी गणित | भूटान में ग्लेशियर झील फटी, गासा का मशहूर गर्म पानी का कुंड बहा; भारत में बाढ़ का खतरा, बंगाल में 10 हजार लोग सुरक्षित स्थानों पर भेजे गए | मोदी नहीं, 'ओदी' कहिए... ज्ञानेश कुमार का नाम भी बदला, CJP नेता आशुतोष रांका ने समर्थकों को सिखाई कोड लैंग्वेज |