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7 साल तक ‘पत्नी’ बनाकर रखा, फिर किया धोखा! शादी का झांसा देकर युवती से शोषण, अब दूसरी शादी की तैयारी

हरियाणा: के पलवल जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने रिश्तों में भरोसे और सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हसनपुर थाना क्षेत्र में एक युवती ने आरोप लगाया है कि एक युवक ने उसे शादी का झांसा देकर सात वर्षों तक शारीरिक और मानसिक रूप से शोषित किया, और अब दूसरी जगह शादी रचाने की तैयारी कर रहा है।

पीड़िता, जो फरीदाबाद की रहने वाली है, ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह पिछले सात साल से आरोपी पुष्पेन्द्र अत्री के साथ रिश्ते में थी। इस दौरान युवक ने उसे बार-बार शादी का भरोसा दिलाया और 2019 में अपने गांव ले जाकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। युवती का आरोप है कि उसे घर में बहू की तरह रखा गया और परिवार के सदस्य भी उसे उसी रूप में संबोधित करते थे।

शिकायत के मुताबिक, पीड़िता करीब छह महीने तक आरोपी के घर पर रही, जहां उसे परिवार के सदस्य की तरह रखा गया। इसके बाद दोनों ने पलवल और फिर फरीदाबाद में किराए के मकान में एक साथ रहना शुरू किया। इस दौरान आरोपी लगातार शादी का वादा करता रहा, जिससे युवती को भरोसा था कि यह रिश्ता शादी में बदलेगा।

लेकिन कहानी में मोड़ तब आया, जब कुछ समय पहले आरोपी ने अचानक युवती से दूरी बना ली। उसने युवती को फोन और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर ब्लॉक कर दिया। इस बदलाव से चिंतित युवती ने आरोपी के रिश्तेदारों से संपर्क किया, तब उसे पता चला कि युवक कहीं और शादी करने जा रहा है।

पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया है कि आरोपी ने उससे आर्थिक रूप से भी फायदा उठाया। कई बार पैसे की मांग की गई और जब वह पैसे नहीं दे सकी, तो उसने अपने जेवर—करीब डेढ़ तोला सोने के कुंडल और एक तोला की अंगूठी—उसे दे दिए। आरोप है कि आरोपी ने ये सामान वापस नहीं किया।

जब युवती ने आरोपी से शादी के लिए दबाव बनाया, तो उसे धमकियां मिलने लगीं। पीड़िता के अनुसार, आरोपी ने उसे जान से मारने की धमकी भी दी, जिससे वह डर गई और आखिरकार पुलिस की शरण ली।

इस मामले में हरियाणा पुलिस ने गंभीरता दिखाते हुए आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई की जाएगी।

यह घटना न केवल कानून व्यवस्था के लिए चुनौती है, बल्कि समाज में बढ़ते रिश्तों के दुरुपयोग की ओर भी संकेत करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में कानूनी जागरूकता और समय पर कार्रवाई बेहद जरूरी है, ताकि पीड़ितों को न्याय मिल सके और दोषियों को सख्त सजा।

इस केस ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या लिव-इन या लंबे रिलेशनशिप में रहने वाली महिलाओं के लिए पर्याप्त कानूनी सुरक्षा मौजूद है? साथ ही यह भी जरूरी है कि महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति सजग रहें और किसी भी प्रकार के शोषण के खिलाफ आवाज उठाएं।


निष्कर्ष:

पलवल का यह मामला रिश्तों में विश्वास के टूटने और कानूनी सुरक्षा की अहमियत को उजागर करता है। शादी के नाम पर धोखा और शोषण जैसे अपराध समाज के लिए गंभीर चेतावनी हैं। ऐसे मामलों में त्वरित न्याय और सख्त कार्रवाई ही पीड़ितों को राहत दिला सकती है और भविष्य में अपराधियों के हौसले पस्त कर सकती है।

Written By

Chanchal Rathore

Desk Reporter

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