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लोकधुनों की धरती पर ‘जैज’ का धमाका! जयपुर में वर्ल्ड जैज डे पर सजेगी अनोखी म्यूजिकल नाइट

लोकसंगीत: और सांस्कृतिक विरासत के लिए विश्वभर में पहचान रखने वाला राजस्थान अब एक बार फिर संगीत के एक नए रंग में रंगने जा रहा है। इस बार मंच सजेगा पश्चिमी संगीत की बेहद लोकप्रिय शैली ‘जैज’ के लिए। 30 अप्रैल को मनाए जाने वाले वर्ल्ड जैज डे के अवसर पर जयपुर में एक खास म्यूजिकल नाइट का आयोजन किया जा रहा है, जो संगीत प्रेमियों के लिए एक यादगार अनुभव साबित हो सकता है।

यह आयोजन झालाना स्थित Rajasthan International Centre के मुख्य सभागार में शाम 7 बजे से शुरू होगा। राजस्थान पर्यटन विभाग की पहल पर आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य न केवल मनोरंजन है, बल्कि संगीत के जरिए सांस्कृतिक संवाद को बढ़ावा देना भी है।

इस विशेष संध्या में दिल्ली का चर्चित न्यूग्रूव जैज कलेक्टिव बैंड अपनी प्रस्तुति देगा। यह बैंड अपनी अनूठी शैली, इम्प्रोवाइजेशन और भावनात्मक संगीत प्रस्तुति के लिए जाना जाता है। बैंड का नेतृत्व वोकलिस्ट गौरव कर रहे हैं, जो जैज संगीत को आधुनिक ध्वनियों के साथ जोड़ने के लिए पहचाने जाते हैं।

कार्यक्रम में शामिल कलाकार अपने-अपने वाद्य यंत्रों के जरिए एक अनूठा संगीत अनुभव तैयार करेंगे। ड्रम्स पर आदित्य, डबल बास पर द्विज, सेक्सोफोन पर जोनास और गिटार पर पारिजात अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। इन सभी कलाकारों की खासियत यह है कि वे मंच पर तय धुनों के भीतर रहते हुए भी हर प्रस्तुति को नया रूप दे देते हैं।

इस आयोजन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह राजस्थान की पारंपरिक लोकधुनों और जैज संगीत के बीच एक सांस्कृतिक सेतु का काम करेगा। जहां एक ओर राजस्थान की मिट्टी की खुशबू होगी, वहीं दूसरी ओर जैज की आधुनिक और वैश्विक धुनें सुनाई देंगी। यह संगम श्रोताओं को एक अलग ही दुनिया में ले जाने का वादा करता है।

वर्ल्ड जैज डे की शुरुआत वर्ष 2011 में UNESCO द्वारा की गई थी। इसका उद्देश्य दुनिया भर में शांति, सांस्कृतिक विविधता और आपसी समझ को बढ़ावा देना है। हर साल 30 अप्रैल को यह दिन मनाया जाता है और इसके तहत दुनिया के कई देशों में संगीत कार्यक्रम, कार्यशालाएं और सांस्कृतिक आयोजन किए जाते हैं।

जयपुर में होने वाला यह कार्यक्रम भी उसी वैश्विक पहल का हिस्सा है। इससे राजस्थान जैसे सांस्कृतिक रूप से समृद्ध राज्य को अंतरराष्ट्रीय संगीत परंपराओं से जोड़ने का मौका मिलेगा।

जैज संगीत की शुरुआत 20वीं सदी की शुरुआत में अमेरिका के न्यू ऑरलियन्स शहर में हुई थी। इसकी जड़ें अफ्रीकी-अमेरिकी संगीत परंपराओं, ब्लूज और रैगटाइम से जुड़ी हैं। जैज की सबसे बड़ी विशेषता इसका इम्प्रोवाइजेशन है, यानी कलाकार मौके पर ही नई धुनें और संगीत रचना तैयार करते हैं।

दुनिया भर में जैज संगीत को लोकप्रिय बनाने में कई महान कलाकारों का योगदान रहा है। Louis Armstrong, Ella Fitzgerald, Frank Sinatra और Norah Jones जैसे कलाकारों ने इस संगीत शैली को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।

जयपुर में होने वाला यह आयोजन सिर्फ एक संगीत कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक अनुभव है। यहां आने वाले दर्शकों को न केवल जैज संगीत सुनने का मौका मिलेगा, बल्कि वे एक नई संगीत यात्रा का हिस्सा भी बनेंगे।

राजस्थान पर्यटन विभाग के अनुसार, इस तरह के आयोजन राज्य में सांस्कृतिक पर्यटन को भी बढ़ावा देंगे। इससे देश-विदेश के पर्यटक जयपुर की ओर आकर्षित होंगे और यहां की सांस्कृतिक विविधता को करीब से समझ पाएंगे।

Written By

Chanchal Rathore

Desk Reporter

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