राजस्थान में पहली बार आयोजित हो रहे इस राष्ट्रीय सम्मेलन में केंद्र और राज्य सरकारों के ऊर्जा विभागों, विद्युत वितरण कंपनियों, विद्युत नियामक आयोगों तथा ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ी प्रमुख संस्थाओं के वरिष्ठ अधिकारी और विशेषज्ञ शामिल होंगे। अमेरिका, यूरोप, दक्षिण कोरिया और जापान सहित विभिन्न देशों के तकनीकी विशेषज्ञों को भी आमंत्रित किया गया है।
दो दिवसीय सम्मेलन में सात सत्र आयोजित किए जाएंगे। इनमें विद्युत वितरण प्रणाली को मजबूत बनाने, नीतिगत सुधारों, डिस्कॉम की आर्थिक स्थिति, डिजिटलीकरण और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के उपयोग पर चर्चा होगी। इसके साथ ही स्मार्ट ग्रिड, साइबर सुरक्षा, ऊर्जा भंडारण, नवीकरणीय ऊर्जा और शून्य कार्बन उत्सर्जन की दिशा में किए जा रहे प्रयासों पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा।
डेटा सेंटरों और इलेक्ट्रिक वाहनों की चार्जिंग के कारण बढ़ती बिजली की मांग को पूरा करने, ग्रिड के आधुनिकीकरण तथा उपभोक्ताओं को निर्बाध और विश्वसनीय बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराने की चुनौतियों पर भी विशेषज्ञ अपने विचार साझा करेंगे।
सम्मेलन के पहले दिन उद्घाटन समारोह के बाद तीन महत्वपूर्ण सत्र आयोजित होंगे। इनमें विद्युत वितरण कंपनियों के वित्तीय बदलाव, वितरण क्षेत्र में डिजिटल इंटेलिजेंस की भूमिका और स्मार्ट मीटर के डेटा विश्लेषण जैसे विषय शामिल हैं।
इसके अलावा, बढ़ते विद्युत भार के अनुरूप निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने में नवीकरणीय ऊर्जा की भूमिका पर भी चर्चा होगी। उद्घाटन सत्र में केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के अध्यक्ष घनश्याम प्रसाद, ऑल इंडिया डिस्कॉम्स एसोसिएशन के महानिदेशक आलोक कुमार और ऊर्जा क्षेत्र के अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं विशेषज्ञ भी संबोधित करेंगे।
कार्यक्रम के दौरान इंडिया स्मार्ट ग्रिड फोरम, पावर फाउंडेशन ऑफ इंडिया और इंडिया सोलर ग्रिड फोरम की ओर से किए गए विभिन्न प्रयासों तथा रिपोर्ट को भी जारी किया जाएगा।
इस सम्मेलन के आयोजन में जयपुर, जोधपुर और अजमेर विद्युत वितरण निगमों की प्रमुख भूमिका है। वहीं टाटा पावर, चंडीगढ़ पावर, नोएडा पावर, बीएसईएस राजधानी पावर और बीएसईएस यमुना पावर सहित अन्य विद्युत वितरण कंपनियां सह-आयोजक के रूप में भाग लेंगी।
सम्मेलन की थीम ‘सहयोगी विकास के लिए विद्युत वितरण निगमों का एकीकरण’ रखी गई है। आयोजन का उद्देश्य विद्युत वितरण क्षेत्र में तकनीकी नवाचार, बेहतर प्रबंधन और आपसी सहयोग के माध्यम से बिजली आपूर्ति व्यवस्था को अधिक आधुनिक, सुरक्षित और प्रभावी बनाने के उपायों पर चर्चा करना है।
दो दिवसीय यह सम्मेलन राजस्थान के ऊर्जा क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसमें सामने आने वाले सुझाव विद्युत वितरण व्यवस्था के आधुनिकीकरण, डिजिटल तकनीक के विस्तार और भविष्य की बिजली मांग के बेहतर प्रबंधन पर उपयोगी दिशा प्रदान कर सकते हैं।
All Rights Reserved & Copyright © 2015 By HP NEWS. Powered by Ui Systems Pvt. Ltd.