मौसम में आए बदलाव के कारण कई इलाकों में ठंड बढ़ने लगी है। छत्तीसगढ़ के 12 और ओडिशा के 16 जिलों में गुरुवार को स्कूल बंद रखने की जानकारी दी गई है। हालांकि, अलग-अलग राज्यों में मौसम की स्थिति और प्रशासनिक निर्देश अलग हो सकते हैं।
मौसम विभाग के मुताबिक, चक्रवात ‘अर्नब’ मंगलवार देर रात करीब 3:30 बजे आंध्र प्रदेश के तट से टकराया था। इस दौरान 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और भारी बारिश होने की जानकारी सामने आई।
तूफान अब कमजोर होकर डीप डिप्रेशन में बदल गया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, इसके गुरुवार सुबह तक डिप्रेशन और शाम तक कम दबाव वाले क्षेत्र में बदलने की संभावना जताई गई है। इसके बावजूद कई राज्यों में बारिश और तेज हवाओं का असर बने रहने की आशंका है।
चक्रवात के प्रभाव से ओडिशा के कई जिलों में भारी बारिश हुई है। गजपति जिले में लगातार बारिश के कारण बालीबाड़ा घाटी रोड पर भूस्खलन हो गया। पहाड़ी का हिस्सा ढहने और तीन पेड़ गिरने से सड़क बंद हो गई, जिससे छह गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ।
प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव कार्य तेज किए हैं। करीब 30 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। भारी बारिश के कारण निचले इलाकों और पहाड़ी क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है।
चक्रवात के असर से मध्य प्रदेश के कई जिलों में बारिश दर्ज की गई है। बुधवार को सतना, कटनी और छतरपुर समेत कई क्षेत्रों में बारिश हुई। गुरुवार को भी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।
मौसम केंद्र ने भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, बैतूल, हरदा और ग्वालियर समेत 12 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किए जाने की जानकारी दी है। बारिश और ठंडी हवाओं के कारण तापमान में गिरावट आने की संभावना है।
राजस्थान में भी चक्रवात के प्रभाव से मौसम बदलने लगा है। गुरुवार को प्रदेश के 27 जिलों में तेज बारिश का अलर्ट जारी होने की जानकारी दी गई है। बुधवार देर शाम भरतपुर और कोटा संभाग के कुछ इलाकों में बादल छाए रहे और देर रात हल्की बारिश हुई।
मौसम में बदलाव के साथ प्रदेश के कई शहरों में तापमान गिरा है। जयपुर, पिलानी, सीकर, बाड़मेर और चूरू समेत कई शहरों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई। सीकर और फतेहपुर में न्यूनतम तापमान करीब 10 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की जानकारी सामने आई है। बारिश और ठंडी हवाओं के चलते आगामी दिनों में सर्दी का असर बढ़ सकता है।
हरियाणा के पानीपत, सोनीपत, फरीदाबाद और यमुनानगर के कई इलाकों में गुरुवार सुबह बारिश हुई। बूंदाबांदी के बाद आसमान में बादल छा गए। मौसम विभाग की ओर से प्रदेश के 15 जिलों में बारिश और तेज हवाओं को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किए जाने की जानकारी दी गई है।
कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की भी आशंका जताई गई है। करनाल और यमुनानगर में आंधी चलने की संभावना है। किसानों और आमजन को मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी जाती है।
बिहार में भी चक्रवात के प्रभाव से मौसम बदल रहा है। पटना, समस्तीपुर और आरा में गुरुवार सुबह हल्की बारिश होने की जानकारी है, जबकि नालंदा और बेगूसराय में बादल छाए रहे।
मौसम विभाग ने 26 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किए जाने की जानकारी दी है। भोजपुर, अरवल, औरंगाबाद, रोहतास, कैमूर और बक्सर में भारी बारिश की चेतावनी बताई गई है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है।
पंजाब और चंडीगढ़ में भी अगले दो दिनों तक मौसम खराब रहने की संभावना जताई गई है। कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर बिजली गिरने और ओलावृष्टि की आशंका भी है।
बुधवार को पंजाब के औसत अधिकतम तापमान में 0.7 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिसके बाद तापमान सामान्य के करीब पहुंच गया। फरीदकोट में अधिकतम तापमान 36.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज होने की जानकारी दी गई।
चक्रवात कमजोर पड़ने के बावजूद कई राज्यों में बारिश, तेज हवाओं, आंधी और बिजली गिरने का खतरा बना रह सकता है। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की आधिकारिक एडवाइजरी का पालन करना चाहिए। तेज हवाओं के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर संरचनाओं से दूर रहें। आकाशीय बिजली चमकने के समय खुले मैदानों में जाने से बचें।
नोट: यह खबर उपलब्ध कराई गई जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। चक्रवात का नाम, मौतों के आंकड़े, राज्यवार अलर्ट और स्कूल बंद रहने संबंधी निर्देशों को प्रकाशित करने से पहले भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) तथा संबंधित जिला प्रशासन के आधिकारिक अपडेट से सत्यापित कर लें।
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