जयपुर में आयकर विभाग के एक कर सहायक द्वारा पैन कार्ड से जुड़ी समस्या के समाधान के नाम पर रिश्वत लेने का मामला सामने आया है, जिसने विभागीय कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने इस पूरे मामले में कर सहायक लाखन सिंह जोगी के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायतकर्ता अफरोज ने बताया कि उसके नाम पर दो पैन कार्ड जारी हो गए थे, जिसके कारण उसकी बैंक केवाईसी प्रक्रिया अटक गई थी और उसका व्यवसायिक लेन-देन भी बाधित हो गया था। इस समस्या के समाधान के लिए जब वह आयकर विभाग पहुंचा तो आरोपी कर्मचारी ने पुराने पैन कार्ड को सक्रिय करने और दूसरे को निष्क्रिय करने के बदले रिश्वत की मांग की।
शिकायत के अनुसार आरोपी ने पहले ही 4400 रुपये ले लिए थे और इसके बाद लगातार अतिरिक्त राशि की मांग करता रहा। मामले की शिकायत 24 अप्रैल को ACB में दर्ज कराई गई थी, जिसके बाद सत्यापन की प्रक्रिया शुरू की गई। सत्यापन के दौरान शिकायतकर्ता और आरोपी के बीच बातचीत को रिकॉर्ड किया गया, जिसमें रिश्वत की मांग और भुगतान से जुड़ी पूरी बातचीत स्पष्ट रूप से कैद हो गई। रिकॉर्डिंग में आरोपी द्वारा पैसे की मांग करने, जल्दी आने और काम तुरंत कराने की बात कही गई, जबकि शिकायतकर्ता द्वारा 600 रुपये देने की बात भी सुनी गई। इसी दौरान नोट गिनने की आवाज भी रिकॉर्ड में दर्ज हुई, जिसे जांच एजेंसी ने अहम सबूत माना है।
ACB ने इस ऑडियो रिकॉर्डिंग को प्रमुख साक्ष्य मानते हुए आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और विस्तृत जांच शुरू कर दी है। साथ ही विभागीय स्तर पर भी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। यह मामला सरकारी विभागों में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर एक बार फिर गंभीर बहस को जन्म दे रहा है।
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