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TNI आवाज की खबर का असर: Boss Cafe पर निगम का बड़ा एक्शन, फायर NOC नहीं मिलने पर प्रतिष्ठान सीज,JDA नोटिस, फायर NOC का अभाव और सुरक्षा मानकों में कमी के बाद 180 दिनों के लिए सील किया गया प्रतिष्ठान

जयपुर। टोंक रोड स्थित चर्चित रूफटॉप रेस्टोरेंट Boss Cafe को लेकर उठे विवाद के बीच आखिरकार प्रशासनिक कार्रवाई देखने को मिली है। फायर सुरक्षा मानकों और आवश्यक अनुमतियों को लेकर लगातार उठ रहे सवालों के बाद नगर निगम जयपुर की टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की और प्रतिष्ठान को सीज कर दिया। इस पूरे मामले को TNI आवाज न्यूज़ चैनल ने प्रमुखता से उठाया था तथा संबंधित विभागों को लिखित शिकायत भी भेजी गई थी।

दरअसल, टोंक रोड स्थित खसरा नंबर 307 में संचालित Boss Cafe पिछले कुछ समय से कानूनी और प्रशासनिक विवादों के केंद्र में रहा है। उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) ने 8 मई 2026 को कथित अनियमित निर्माण को लेकर राजस्थान नगर सुधार अधिनियम की धारा 32 एवं 33 के तहत कारण बताओ नोटिस जारी किया था।

इसके बाद संबंधित पक्षों ने JDA अपीलीय अधिकरण में अपील दायर कर अंतरिम राहत प्राप्त की। हालांकि मामले में अंतिम निर्णय अब तक नहीं हुआ था, लेकिन इसके बावजूद प्रतिष्ठान का संचालन जारी रहा, जिससे कई सवाल खड़े हो रहे थे।

अपील में फायर NOC नहीं होने का उल्लेख

मामले का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह रहा कि JDA ट्रिब्यूनल में प्रस्तुत अपील में स्वयं संचालकों द्वारा यह उल्लेख किया गया कि उनके पास फायर विभाग की अनापत्ति प्रमाण-पत्र (Fire NOC) उपलब्ध नहीं है। साथ ही यह भी स्वीकार किया गया कि रूफटॉप रेस्टोरेंट का नक्शा जयपुर विकास प्राधिकरण से स्वीकृत नहीं कराया गया है।

ऐसे में सवाल उठ रहा था कि आवश्यक सुरक्षा एवं नियामक अनुमतियों के अभाव में प्रतिष्ठान का संचालन किस आधार पर जारी रखा गया।

नगर निगम फायर विभाग की बड़ी कार्रवाई

इसी बीच नगर निगम जयपुर के फायर विभाग ने मामले का संज्ञान लेते हुए निरीक्षण किया। उपायुक्त (फायर) नगर निगम जयपुर द्वारा 12 जून 2026 को जारी सीजर मेमो के अनुसार निरीक्षण के दौरान पाया गया कि BROTZEIT 95 ROOFTOP परिसर में आवश्यक अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाएं एवं वैध अग्नि अनापत्ति प्रमाण-पत्र उपलब्ध नहीं थे।

फायर विभाग द्वारा इससे पूर्व 8 जून 2026 को नोटिस जारी कर अग्नि सुरक्षा प्रावधानों की पूर्ति करने तथा फायर NOC प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन निर्धारित समयावधि में अनुपालन नहीं किया गया।

इसके बाद राजस्थान नगरपालिकाएं अधिनियम, 2009 की धारा 194(2)(ए) के तहत कार्रवाई करते हुए परिसर को 12 जून 2026 से 180 दिनों अथवा सक्षम प्राधिकारी के अगले आदेश तक सील (Sealed) कर दिया गया।

सीजर मेमो में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि सील अवधि के दौरान परिसर का उपयोग, संचालन या किसी भी प्रकार की गतिविधि प्रतिबंधित रहेगी। यदि सील तोड़ने अथवा परिसर का संचालन करने का प्रयास किया जाता है तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

कानूनी विशेषज्ञों ने उठाए सवाल

कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि किसी मामले में मिली अंतरिम राहत या स्टे का अर्थ यह नहीं होता कि संबंधित निर्माण अथवा गतिविधि पूरी तरह वैध हो गई है। स्टे केवल तत्काल कार्रवाई पर अस्थायी रोक प्रदान करता है। यदि किसी प्रतिष्ठान के पास आवश्यक सुरक्षा अनुमति, फायर NOC अथवा अन्य वैधानिक स्वीकृतियां नहीं हैं तो संबंधित विभाग स्वतंत्र रूप से कार्रवाई कर सकते हैं।

स्थानीय लोगों ने भी जताई आपत्ति

स्थानीय निवासियों का आरोप है कि प्रतिष्ठान में देर रात तक पार्टियां आयोजित की जाती थीं, तेज आवाज में संगीत बजाया जाता था तथा अत्यधिक भीड़भाड़ के कारण आसपास का माहौल प्रभावित होता था। लोगों का कहना है कि उन्होंने समय-समय पर संबंधित विभागों को शिकायतें भी दीं, लेकिन लंबे समय तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

TNI आवाज ने प्रमुखता से उठाया था मामला

Boss Cafe से जुड़े कथित अनियमित निर्माण, फायर NOC, रूफटॉप नक्शा स्वीकृति और सुरक्षा मानकों के मुद्दे को TNI आवाज न्यूज़ चैनल ने प्रमुखता से उठाया था। चैनल द्वारा संबंधित विभागों को लिखित शिकायत भी भेजी गई थी। इसके बाद प्रशासनिक स्तर पर गतिविधियां तेज हुईं और नगर निगम की कार्रवाई सामने आई।

सबसे बड़ा सवाल

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि फायर NOC और अन्य आवश्यक अनुमतियों को लेकर गंभीर आपत्तियां मौजूद थीं तो प्रतिष्ठान का संचालन इतने समय तक किस आधार पर जारी रहा? यदि भविष्य में कोई अप्रिय घटना होती, तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होती?

फिलहाल नगर निगम द्वारा प्रतिष्ठान को सीज किए जाने के बाद संबंधित विभागों की आगामी कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। वहीं यह मामला जयपुर में फायर सुरक्षा मानकों, रूफटॉप रेस्टोरेंट्स की निगरानी व्यवस्था और नियमों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

 

जयपुर के “द ग्रेंड वॉक” में बड़ा खुलासा ऊपर की 5 मंजिलें भी अवैध निर्माण के दायरे में! Boss Hyper Lounge पर JDA की कार्रवाई अधूरी! बिना Fire NOC और स्वीकृत मानचित्र के चल रहा संचालन

Written By

Chanchal Rathore

Desk Reporter

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