देश: की राजनीति में एक बार फिर विदेश यात्राओं को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। भाजपा ने लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की विदेश यात्राओं पर सवाल उठाते हुए उनकी फंडिंग को लेकर जवाब मांगा है। वहीं कांग्रेस ने पलटवार करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिछले 12 वर्षों के विदेशी दौरों की सूची सार्वजनिक कर दी है।
गुरुवार को भाजपा प्रवक्ता और सांसद संबित पात्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया कि राहुल गांधी पिछले 22 वर्षों में 54 बार विदेश यात्रा कर चुके हैं। भाजपा ने आरोप लगाया कि इन दौरों पर लगभग ₹60 करोड़ खर्च हुए, जबकि राहुल गांधी की घोषित आय इससे काफी कम बताई गई है।
भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि राहुल गांधी की कई यात्राएं सार्वजनिक नहीं थीं और सितंबर 2025 में उन्होंने “सीक्रेट यात्राएं” भी कीं। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी हर विदेश दौरे पर 3 से 4 लोगों को साथ लेकर जाते थे।
संबित पात्रा ने सवाल उठाते हुए कहा कि राहुल गांधी के हलफनामे के अनुसार पिछले 10 वर्षों में उनकी घोषित आय करीब ₹11 करोड़ रही है, ऐसे में विदेश यात्राओं पर कथित ₹60 करोड़ का खर्च किसने उठाया? भाजपा ने राहुल गांधी से उनकी विदेश यात्राओं की फंडिंग का स्रोत सार्वजनिक करने की मांग की।
भाजपा नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि राहुल गांधी विदेशों में जाकर भारत सरकार और भारतीय लोकतंत्र को लेकर विवादित बयान देते हैं।
भाजपा के आरोपों के बाद कांग्रेस ने भी पलटवार किया। पार्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिछले 12 वर्षों में हुए विदेशी दौरों की सूची साझा की।
कांग्रेस ने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी ने 76 देशों के 96 दौरे किए हैं और इन यात्राओं पर भारी सरकारी खर्च हुआ। कांग्रेस ने पोस्ट में तंज कसते हुए लिखा कि “जनता की गाढ़ी कमाई मौज-मस्ती पर उड़ाई गई।”
सोशल मीडिया पर कांग्रेस द्वारा साझा की गई सूची तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें अलग-अलग वर्षों में पीएम मोदी के विदेश दौरों और खर्च का विवरण दिखाया गया है।

इससे पहले जनवरी 2026 में भी भाजपा ने राहुल गांधी की कथित वियतनाम यात्रा को लेकर सवाल उठाए थे। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया था कि राहुल गांधी विदेशों में भारत विरोधी लोगों के संपर्क में रहते हैं और देश के खिलाफ बयान देते हैं।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा था कि कांग्रेस को यह स्पष्ट करना चाहिए कि राहुल गांधी को विदेशों में कौन लोग बुलाते हैं और उनका उद्देश्य क्या होता है।
हालांकि कांग्रेस की ओर से इन आरोपों पर कोई विस्तृत आधिकारिक जवाब नहीं दिया गया था।
भाजपा द्वारा उठाए गए सवालों के बीच राहुल गांधी की कई हालिया विदेश यात्राएं चर्चा में हैं।
भाजपा ने आरोप लगाया कि इन यात्राओं के दौरान राहुल गांधी ने विदेशों में भारत सरकार और भाजपा के खिलाफ बयान दिए।
दिसंबर 2025 में जर्मनी दौरे के दौरान राहुल गांधी ने भाजपा पर भारतीय संविधान की मूल भावना को कमजोर करने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि भाजपा संविधान के समानता वाले सिद्धांत को खत्म करना चाहती है।
भाजपा ने राहुल गांधी के इस बयान को देश की छवि खराब करने वाला बताया था। वहीं कांग्रेस ने कहा था कि राहुल गांधी लोकतंत्र और संविधान की रक्षा की बात कर रहे थे।
विदेश यात्राओं को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच छिड़ा यह विवाद अब बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनता जा रहा है। भाजपा राहुल गांधी की यात्राओं और फंडिंग को मुद्दा बना रही है, जबकि कांग्रेस प्रधानमंत्री मोदी के विदेशी दौरों और खर्च को लेकर सरकार को घेर रही है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले चुनावी माहौल में यह मुद्दा और ज्यादा गर्मा सकता है।
राहुल गांधी की विदेश यात्राओं पर भाजपा द्वारा उठाए गए सवाल और उसके जवाब में कांग्रेस द्वारा पीएम मोदी के विदेशी दौरों की सूची जारी करने से राजनीतिक टकराव तेज हो गया है। दोनों दल एक-दूसरे पर जनता के पैसे और विदेशों में दिए गए बयानों को लेकर निशाना साध रहे हैं। आने वाले दिनों में यह मुद्दा राष्ट्रीय राजनीति में और बड़ी बहस बन सकता है।
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