सवाईमाधोपुर जिले में पांचना बांध जल विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है, जहां किसानों के अलग-अलग पक्षों के बीच लंबे समय से तनाव की स्थिति बनी हुई है। इस मुद्दे को लेकर पूर्व उपमुख्यमंत्री और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट ने बयान देते हुए कहा कि सरकार की जिम्मेदारी है कि वह सभी पक्षों की बात सुनकर न्यायपूर्ण और संतुलित समाधान निकाले। उन्होंने कहा कि पानी जीवन की मूल आवश्यकता है, इसलिए इस विवाद का हल केवल नियमों और कानून के दायरे में रहकर ही संभव है। पायलट ने न्यायपालिका पर भरोसा जताते हुए कहा कि हाईकोर्ट के किसी भी निर्णय का सम्मान और पालन सभी को करना चाहिए। साथ ही उन्होंने सरकार से अपील की कि मौके पर टीम भेजकर सभी पक्षों से संवाद स्थापित किया जाए ताकि किसी भी समुदाय या किसान के साथ अन्याय न हो।
पांचना बांध का निर्माण वर्ष 1977 से 2004 के बीच करौली जिले में किया गया था और इसके कमांड क्षेत्र में सवाई माधोपुर और नवगठित गंगापुर सिटी जिले के लगभग 35 गांव शामिल हैं। इन गांवों के किसानों का आरोप है कि वर्ष 2006 के बाद से उन्हें सिंचाई के लिए नियमित रूप से पानी नहीं मिला, जिससे उनकी कृषि व्यवस्था प्रभावित हुई है।
वहीं दूसरी ओर करौली जिले के 39 गांवों के किसानों का कहना है कि बांध निर्माण के दौरान उनकी पुश्तैनी जमीनें और मकान जलमग्न हो गए थे, लेकिन उन्हें अब तक उचित मुआवजा नहीं मिला। उनका यह भी कहना है कि जब तक गुड़ला-पांचना लिफ्ट परियोजना के तहत स्वीकृत पानी और उचित मुआवजा नहीं मिलता, तब तक वे बांध से जुड़े फैसलों का विरोध जारी रखेंगे।
पिछले दो दशकों से इस बांध से नहरों के माध्यम से नियमित सिंचाई जल आपूर्ति नहीं होने से स्थिति और अधिक गंभीर हो गई है, जिससे किसानों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।
इस बीच गृह राज्य मंत्री एवं जिला प्रभारी जवाहर सिंह बेदम ने कहा है कि सरकार इस विवाद को संवाद के माध्यम से सुलझाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि सभी पक्ष किसान हैं और सरकार उनकी भावनाओं एवं जरूरतों को ध्यान में रखते हुए न्यायसंगत समाधान निकालेगी। सरकार का प्रयास है कि किसी भी पक्ष के साथ अन्याय न हो और जल्द से जल्द इस विवाद का स्थायी समाधान निकाला जाए।
All Rights Reserved & Copyright © 2015 By HP NEWS. Powered by Ui Systems Pvt. Ltd.