जांच एजेंसियां यह पता लगाने में लगी हैं कि 60 लाख रुपए की राशि किन-किन व्यक्तियों के माध्यम से आगे बढ़ी और इसका अंतिम गंतव्य क्या था। राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में भी चर्चा है कि यदि इस कड़ी का खुलासा होता है तो कई नए नाम सामने आ सकते हैं।
सूत्रों के अनुसार, गजराज मूंगफली बीज की गुणवत्ता को लेकर जांच शुरू होने के बाद भी बीजों की बिक्री बढ़ाने के लिए शहर में बड़े-बड़े होर्डिंग लगाकर प्रचार किया गया। घूसकांड का खुलासा होने के कुछ समय बाद ये होर्डिंग हटा दिए गए।
हाल ही में एसीबी की कार्रवाई के दौरान फलोदी विधायक पब्बाराम विश्नोई के पूर्व निजी सहायक गणपत विश्नोई का नाम सामने आया था। विधायक ने कहा कि शिकायतें मिलने पर उन्होंने 31 मई को गणपत को पदमुक्त कर दिया था। जब गणपत जयपुर स्थित विधायक आवास पर अपना सामान लेने आया, तब एसीबी ने उसे गिरफ्तार किया।
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