Download App Now Register Now

पशु चिकित्सा अधिकारी भर्ती में नियुक्ति पर उठे सवाल, VCI अभ्यर्थियों ने पद सुरक्षित रखने की मांग की

जयपुर। राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ओर से पशुपालन विभाग में आयोजित पशु चिकित्सा अधिकारी भर्ती-2025 के अंतिम परिणाम को लेकर विवाद सामने आया है। आयोग ने 30 सितंबर को 1100 पदों का अंतिम परिणाम जारी कर मुख्य चयन सूची घोषित की, जबकि हाईकोर्ट के आदेश के बाद परीक्षा में शामिल हुए करीब 70-80 VCI अभ्यर्थियों का परिणाम सील्ड कवर में रखा गया है।

अब इन अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट के अंतिम निर्णय तक उनके लिए पद सुरक्षित रखने की मांग उठाई है। अभ्यर्थियों का कहना है कि सभी 1100 पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया पूरी होने के बाद यदि सील्ड कवर में रखे अभ्यर्थियों की मेरिट चयन सूची से ऊपर आती है, तो उनके लिए नियुक्ति का रास्ता मुश्किल हो सकता है।

हाईकोर्ट के आदेश पर परीक्षा में हुए थे शामिल

पशु चिकित्सा अधिकारी भर्ती का विज्ञापन 17 जुलाई 2025 को जारी किया गया था। इसमें राजस्थान राज्य पशु चिकित्सा परिषद में पूर्व पंजीकरण की अनिवार्य शर्त रखी गई थी। कुछ राजस्थान मूल के अभ्यर्थियों ने इस शर्त को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।

अभ्यर्थियों के अनुसार, इनमें वे उम्मीदवार शामिल थे जिन्होंने VCI के 15 प्रतिशत ऑल इंडिया कोटे के तहत दूसरे राज्यों के मान्यता प्राप्त सरकारी वेटरनरी कॉलेजों से पढ़ाई की थी या उस समय इंटर्नशिप कर रहे थे।

राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर बेंच ने 21 अगस्त 2025 को मामले की सुनवाई करते हुए इन अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी थी। इसके बाद उन्होंने प्रतियोगी परीक्षा में हिस्सा लिया।

1100 पदों पर नियुक्ति को लेकर सवाल

VCI अभ्यर्थियों का कहना है कि RPSC ने परिणाम जारी करते समय इसे न्यायालय के अंतिम निर्णय के अधीन बताया है, लेकिन दूसरी ओर 1100 पदों की चयन सूची जारी कर रोजगार मेले में नियुक्ति पत्र भी वितरित किए जा रहे हैं।

अभ्यर्थियों के मुताबिक, यदि सील्ड कवर में रखे किसी अभ्यर्थी के अंक मौजूदा चयन सूची की कटऑफ से अधिक होते हैं, तो उसके लिए पद उपलब्ध कराना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

पद सुरक्षित रखने की मांग

अभ्यर्थियों ने मांग की है कि हाईकोर्ट में लंबित मामलों में प्रभावी पैरवी कर सील्ड कवर में रखे करीब 70-80 अभ्यर्थियों का परिणाम जल्द सार्वजनिक किया जाए। साथ ही जब तक उनकी मेरिट स्थिति स्पष्ट नहीं हो जाती, तब तक नियुक्ति प्रक्रिया पर रोक लगाने या उनके लिए आनुपातिक पद सुरक्षित रखने की व्यवस्था की जाए।

अभ्यर्थी अनिल कुमावत ने कहा कि यदि सील्ड कवर में शामिल कोई अभ्यर्थी चयन सूची की कटऑफ से अधिक अंक हासिल करता है, तो केवल प्रक्रियात्मक कारणों के चलते उसे नियुक्ति से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।

फिलहाल मामला हाईकोर्ट में लंबित है और अंतिम स्थिति न्यायालय के निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगी।

Written By

DESK HP NEWS

Hp News

Related News

All Rights Reserved & Copyright © 2015 By HP NEWS. Powered by Ui Systems Pvt. Ltd.

BREAKING NEWS
राजस्थान में 1,150 इलेक्ट्रिक बसों को मंजूरी, जयपुर को मिलेंगी सबसे ज्यादा 550 बसें | जयपुर फैमिली कोर्ट का फैसला: करवा चौथ पर दूसरे पुरुष के लिए व्रत रखने और दांपत्य संबंधों में दूरी को माना मानसिक क्रूरता, 13 साल पुरानी शादी खत्म | मल्लिकार्जुन खड़गे की टिप्पणी के विरोध में बीजेपी का देशव्यापी प्रदर्शन, कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प | SMS अस्पताल में मरीज रेफर करने के लिए लागू होगी नई SOP, बिना सूचना भेजने पर होगी कार्रवाई | CM भजनलाल शर्मा खाटूश्यामजी पहुंचे, बाबा श्याम के करेंगे दर्शन; ‘मन की बात’ कार्यक्रम में भी हुए शामिल | राजस्थान पंचायत चुनाव 2026: पंच-सरपंच चुनाव में 83.05% मतदान, बाड़मेर की सेड़वा पंचायत समिति रही अव्वल | जयपुर में ‘रंग दे गुलाबी 2.0’ अभियान, 13 जोन की 617 दीवारों पर हुई वॉल पेंटिंग; लोककला से सजेगा शहर | जयपुर में पानी का संकट गहराने की आशंका, मांग और सप्लाई में 169.11 एमएलडी का अंतर; 55.45 करोड़ का समर प्लान तैयार | बीकानेर बनेगा निशानेबाजी का नया हब! सादुल क्लब में अंतरराष्ट्रीय शूटिंग रेंज की तैयारी, ओलंपिक स्तर की 17 मशीनें लगेंगी | हनुमानगढ़ में भीषण सड़क हादसा: स्लीपर कोच बस और टेंपो की आमने-सामने टक्कर, चालक की मौके पर मौत |