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PM मोदी का मलेशिया दौरा: गार्ड ऑफ ऑनर के साथ द्विपक्षीय बातचीत शुरू, जाकिर नाइक के प्रत्यर्पण और व्यापार सहयोग पर फोकस

कुआलालंपुर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मलेशिया दौरे का आज दूसरा दिन है। इस दौरान उन्हें मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर स्थित पेरदाना पुत्रा भवन में औपचारिक स्वागत और गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। स्वागत समारोह के बाद प्रधानमंत्री मोदी और मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के बीच द्विपक्षीय बातचीत शुरू हो गई है, जिसमें राजनीतिक, आर्थिक और रणनीतिक सहयोग से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा हो रही है।

आठ वर्षों के अंतराल के बाद मलेशिया पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा भारत-मलेशिया संबंधों के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इससे पहले वे वर्ष 2018 में मलेशिया के दौरे पर गए थे।


द्विपक्षीय बातचीत में अहम मुद्दे

प्रधानमंत्री मोदी और प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम की बातचीत में व्यापार, निवेश, रक्षा सहयोग, डिजिटल तकनीक, ऊर्जा और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे विषयों पर चर्चा होने की संभावना है। इसके साथ ही भारत के लिए संवेदनशील मुद्दा रहे भगोड़े जाकिर नाइक के प्रत्यर्पण का मामला भी बातचीत में उठाया जा सकता है।

जाकिर नाइक भारत में मनी लॉन्ड्रिंग और कट्टरता फैलाने के मामलों में वांटेड है और वर्ष 2016 से मलेशिया में रह रहा है। भारत लंबे समय से उसके प्रत्यर्पण की मांग करता रहा है, जिसे लेकर दोनों देशों के संबंधों में कई बार तनाव भी देखने को मिला है।


10वें भारत-मलेशिया CEO फोरम में भागीदारी

प्रधानमंत्री मोदी आज भारत-मलेशिया के 10वें CEO फोरम में भी हिस्सा लेंगे। इस फोरम में दोनों देशों के प्रमुख उद्योगपति और कारोबारी शामिल होंगे। यहां व्यापार, निवेश, इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल टेक्नोलॉजी, स्टार्टअप्स और ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग को आगे बढ़ाने पर मंथन किया जाएगा।

यह फोरम भारत और मलेशिया के बीच आर्थिक साझेदारी को नई दिशा देने और निजी क्षेत्र के सहयोग को मजबूत करने का अहम मंच माना जा रहा है।


भारतीय समुदाय से संवाद

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने दौरे के दौरान मलेशिया में रहने वाले भारतीय मूल के लोगों को भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि मलेशिया में भारतीय समुदाय दोनों देशों के बीच एक मजबूत सेतु का काम करता है। उन्होंने भारतीय संस्कृति, भाषा, भोजन, फिल्मों और संगीत के माध्यम से दोनों देशों के गहरे संबंधों को रेखांकित किया।

प्रधानमंत्री ने यह भी घोषणा की कि भारत जल्द ही मलेशिया में नया भारतीय कांसुलेट खोलने जा रहा है। साथ ही उन्होंने यह भरोसा दिलाया कि भारत अपने प्रवासी भारतीयों के साथ हमेशा खड़ा रहेगा।


ASEAN के संदर्भ में दौरे का महत्व

मलेशिया, ASEAN का एक अहम सदस्य देश है और ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा भारत-ASEAN संबंधों को और मजबूत कर सकती है। भारत की ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ में ASEAN की केंद्रीय भूमिका रही है और मलेशिया इस समूह में भारत का एक भरोसेमंद साझेदार माना जाता है।

भारत इस समय ASEAN के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (AITIGA) को अपडेट करने की कोशिश कर रहा है। मौजूदा समझौते को लेकर भारत को व्यापार घाटे की चिंता रही है, जो 2022-23 में लगभग 43 अरब डॉलर तक पहुंच गया था। ऐसे में यह दौरा ASEAN देशों का समर्थन जुटाने में मददगार हो सकता है।


मलेशिया में भारतीय प्रवासी समुदाय

मलेशिया में लगभग 29 लाख भारतीय मूल के लोग रहते हैं, जो दुनिया में तीसरा सबसे बड़ा भारतीय प्रवासी समुदाय है। भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत और मलेशिया के संबंध ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सभ्यतागत रूप से बेहद पुराने हैं। मलेशिया में रहने वाले भारतीयों ने भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में भी अहम भूमिका निभाई थी।


निष्कर्ष

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मलेशिया दौरा कूटनीतिक, आर्थिक और रणनीतिक दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है। गार्ड ऑफ ऑनर के साथ औपचारिक स्वागत और उच्चस्तरीय द्विपक्षीय बातचीत से भारत-मलेशिया संबंधों को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है। जाकिर नाइक के प्रत्यर्पण, व्यापार संतुलन, ASEAN सहयोग और भारतीय समुदाय के हित जैसे मुद्दे इस यात्रा को खास बनाते हैं। यह दौरा आने वाले समय में भारत-मलेशिया साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकता है।

Written By

Chanchal Rathore

Desk Reporter

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