राजस्थान की महत्वाकांक्षी पचपदरा रिफाइनरी परियोजना अब अपने सबसे महत्वपूर्ण और अंतिम चरण में प्रवेश कर चुकी है। लंबे इंतजार और निर्माण कार्यों के बाद यहां गैस और डीजल उत्पादन पहले ही शुरू किया जा चुका है और अब पेट्रोल उत्पादन की तैयारियां अंतिम दौर में पहुंच गई हैं। एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड (HRRL) ने 1 जुलाई से व्यावसायिक उत्पादन शुरू करने का लक्ष्य तय किया है, जिसके बाद चरणबद्ध तरीके से सभी प्रमुख पेट्रो उत्पादों का उत्पादन आरंभ किया जाएगा।
इस परियोजना के पूर्ण संचालन के साथ ही इसे राजस्थान के ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। रिफाइनरी के शुरू होने से न केवल राज्य की पेट्रोलियम उत्पादों पर निर्भरता कम होगी, बल्कि पश्चिमी राजस्थान में औद्योगिक विकास को भी नई गति मिलेगी।
सूत्रों के अनुसार, पचपदरा रिफाइनरी के लोकार्पण की तैयारियां भी तेज कर दी गई हैं। संभावना जताई जा रही है कि 4 जुलाई को प्रधानमंत्री द्वारा इसका औपचारिक उद्घाटन किया जा सकता है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेजी से की जा रही हैं और परियोजना को ऐतिहासिक अवसर के रूप में देखा जा रहा है।
व्यावसायिक उत्पादन शुरू होने के बाद इस रिफाइनरी से केंद्र और राज्य सरकार को संयुक्त रूप से हर वर्ष लगभग 21 हजार करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त होने का अनुमान है। यह परियोजना राजस्व संग्रह का एक बड़ा स्रोत बनने की क्षमता रखती है। इसके साथ ही करीब 10 हजार प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खुलेंगे।
पचपदरा रिफाइनरी को राजस्थान की पहली एकीकृत रिफाइनरी एवं पेट्रोकेमिकल परियोजना माना जाता है। इसके पूर्ण संचालन से न केवल पेट्रोलियम उत्पादों के उत्पादन में आत्मनिर्भरता आएगी, बल्कि राज्य में निवेश, उद्योग और आधारभूत संरचना के विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। यह परियोजना आने वाले वर्षों में राजस्थान की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने और पश्चिमी क्षेत्र को एक बड़े औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
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