जैसलमेर में सीमावर्ती क्षेत्रों में ऑपरेशन क्लीन के तहत धार्मिक स्थलों पर की जा रही कथित कार्रवाई के विरोध में गुरुवार को जिला मुख्यालय पर सर्व समाज समन्वय समिति के आह्वान पर सर्व शांति एवं सद्भाव मार्च निकाला गया। हनुमान चौराहा से कलेक्ट्रेट तक निकाले गए इस मौन जुलूस में सैकड़ों की संख्या में विभिन्न समाजों के प्रतिनिधि शामिल हुए। इसके बाद प्रशासन को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन में सीमांत क्षेत्र के 50 किलोमीटर दायरे में अतिक्रमण के नाम पर धार्मिक स्थलों पर की जा रही कार्रवाई को लेकर स्थानीय लोगों की चिंताओं और भावनाओं को अवगत कराया गया तथा इस प्रकार की कार्रवाइयों को रोकने की मांग की गई। इस दौरान क्षेत्रीय सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल भी कलेक्ट्रेट पहुंचे और प्रतिनिधियों के साथ चर्चा की।
सांसद ने कहा कि देश की सुरक्षा और संविधान सर्वोपरि हैं, लेकिन साथ ही सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक सौहार्द और सभी धर्मों के आस्था स्थलों का सम्मान भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में धार्मिक स्थलों को लेकर हुई प्रशासनिक कार्रवाई से लोगों में चिंता और असंतोष का माहौल बना है।
सर्व समाज समन्वय समिति के संयोजक अशोक तंवर ने आरोप लगाया कि कार्रवाई भेदभावपूर्ण तरीके से की जा रही है और इससे स्थानीय लोगों में असंतोष बढ़ रहा है। वहीं पूर्व कैबिनेट मंत्री शाले मोहम्मद ने कहा कि जैसलमेर की पहचान हमेशा से प्रेम, भाईचारे और सामाजिक सौहार्द रही है और यह संदेश आज के मार्च में भी देखने को मिला।
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