राजस्थान के भरतपुर, धौलपुर और डीग जिलों के जाट समुदाय को केंद्र सरकार की नौकरियों और केंद्रीय शिक्षण संस्थानों में ओबीसी आरक्षण का लाभ दिलाने की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। इसी मुद्दे को लेकर जाट आरक्षण संघर्ष समिति द्वारा सोमवार को भरतपुर के नुमाइश मैदान में ‘आरक्षण हुंकार रैली’ का आयोजन किया जा रहा है।
इस रैली को लेकर राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (Hanuman Beniwal) के सांसद हनुमान बेनीवाल ने सोशल मीडिया के माध्यम से समाज के लोगों से बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह केवल सभा नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों के अधिकारों और भविष्य के लिए एकजुटता दिखाने का अवसर है।
यह विवाद केंद्र की ओबीसी सूची से जुड़ा है, जिसमें 1999 में जाट समुदाय को शामिल किया गया था, लेकिन भरतपुर और धौलपुर के जाटों को ऐतिहासिक कारणों के चलते सूची से बाहर रखा गया था। इसी कारण इन जिलों के युवाओं को केंद्रीय नौकरियों और संस्थानों में आरक्षण का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
जाट समुदाय का तर्क है कि वे आर्थिक रूप से कृषि और पशुपालन पर निर्भर हैं, इसलिए उन्हें समान अधिकार मिलना चाहिए। इस मांग को लेकर पिछले कई वर्षों से आंदोलन जारी है।
रैली को देखते हुए प्रशासन ने नुमाइश मैदान में व्यापक तैयारियां की हैं। हजारों लोगों के आने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और शहर में ट्रैफिक व्यवस्था के लिए रूट डायवर्जन लागू किया गया है।
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